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नई दिल्ली – वो एक दिन जंगलों में निकला, उसने देखा कि वहां के पेड़-पौधे हरे-भरे और घने थे। उनकी शाखाओं पर फल और फूल लगे थे। ये देख उसके मन में एक विचार कौंधा। उस विचार की परणति लाखों लोगों के खेतों में जान ला देगी, तब उसने सोचा भी नहीं था। हां, एक प्रयास जरूर किया। प्रयास थमा नहीं। लंबा अनुसंधान चला। आखिरकार उसने वन वनस्पतियों की तरह ही बिना खाद-पानी और कीटनाशकों के खेतों में फसल उगाने का फॉर्मूला खोज निकाला।

उसके फॉर्मूले से देश के करीब 40 लाख किसान लाभान्वित हो रहे हैं। वे अपने खेतों को रासायनिक खाद और कीटनाशकों के जहर से बचा रहे हैं। आप भी ये सब कर सकते हैं। बस थोड़ा सी अक्लमंदी और थोड़ी सी सजगता की जरूरत है।

आखिर क्या है वो फॉर्मूला और कैसे महाराष्ट्र के दूर-दराज का एक किसान लाखों लोगों के लिए हीरो बना, ये जानने किए आगली स्लाइड में पढ़ें पूरी सक्सेस स्टोरी।

आगे पढ़े – इस किसान को कहते हैं ‘कृषि का ऋषि’

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