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एक कहावत है ‘पहला सुख निरोगी काया’। स्वस्थ शरीर स्वस्थ दिमाग के निर्माण में सहायक होता है। स्वस्थ रहने की पहली शर्त है आपकी पाचन शक्ति का सुदृढ़ होना। भोजन के उचित पाचन के अभाव में शरीर अस्वस्थ हो जाता है, मस्तिष्क शिथिल हो जाता है और कार्यक्षमता को प्रभावित करता है। जिस प्रकार व्यायाम में अनुशासन की आवश्यकता होती है, ठीक उसी प्रकार भोजन में भी अनुशासन महत्वपूर्ण है। अधिक खाना, अनियमित खाना, देर रात तक जागना, ये सारी स्थितियां आपके पाचन तंत्र को प्रभावित करती हैं। अतः यह आवश्यक हो जाता है कि पाचन शक्ति को दुर्बल होने से बचाएं। पाचन तंत्र की दुर्बलता दूर करने के लिए खाना खाने के बाद पेट मे खाना पचेगा या खाना सड़ेगा Human Digestive Tract in X-Ray View

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हमने रोटी खाई,हमने दाल खाई,हमने सब्जी खाई, हमने दही खाया, लस्सी पी, दूध, दही छाझ लस्सी फल आदि, ये सब कुछ भोजन के रूप मे हमने ग्रहण किया, ये सब कुछ हमको उर्जा देता है।

और पेट उस उर्जा को आगे ट्रांसफर करता है । पेट मे एक छोटा सा स्थान होता है जिसको हम हिंदी मे कहते है “अमाशय” उसी स्थान का संस्कृत नाम है “जठर” उसी स्थान को अंग्रेजी मे कहते है epigastrium.

ये एक थेली की तरह होता है और यह जठर हमारे शरीर मे सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि सारा खाना सबसे पहले इसी मे आता है। ये बहुत छोटा सा स्थान है। इसमें अधिक से अधिक 350GMS खाना आ सकता है। हम कुछ भी खाते सब ये अमाशय मे आ जाता है।

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