समुद्र के नीचे से गुजरेगी देश की पहली बुलेट ट्रेन, मिट्टी और चट्टान के परीक्षण….

रेलवे ने एलिवेटेड कॉरिडोर का विकल्प इसलिए चुना ताकि जमीन अधिग्रहण और अंडरपास बनाने की जरूरत न पड़े। अधिकारी ने बताया कि वनस्पतियां को बचाने के लिए सुरंग बनाने का फैसला करना पड़ा। परियोजना के लिए भू-परीक्षण काफी अहम है क्येांकि इससे समुद्र से 70 फीट नीचे की मिट्टी की भार वहन क्षमता का पता लगाया जा सकेगा।

परियोजना के लिये 97,636 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत का 81 फीसदी जापान से ऋण के रूप में उपलब्ध होगा। कॉरिडोर के निर्माण का काम 2018 में शुरू होगा और 2023 तक इसके पूरा होने की संभावना है। फिलहाल मुंबई से अहमदाबाद जाने में 7 घंटे लगते हैं, बुलेट ट्रेन के बाद यह समय घटकर दो घंटे हो जाएगा।