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विशाखापत्तनम: बिजली बिल से परेशान जनता को मोदी सरकार राहत देने वाली है। बिजली की दरें घटने वाली है यानी रेट कम हो सकते हैं क्योंकि मोदी सरकार के बिजली मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार (10 जनवरी 2016) को विश्वास जताया कि बेहतर मांग आपूर्ति मैनेजमेंट प्रणाली के साथ भारत बिजली की कीमतें निचले स्तर पर रखने में समर्थ होगा एवं कीमतें और नीचे आ सकती हैं।100028-power-prices

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यहां पार्टनरशिप समिट के दौरान गोयल ने बताया, कारोबारी लोगों को सही कीमतों के आसपास अपने कारोबार का मॉडल तैयार करना होगा। वे उंची कीमतों के साथ नहीं चल सकते। इससे इस देश के लोगों को परेशानी होगी। मुझे इस बात की खुशी है कि बिजली की दरें बहुत नीचे हैं और आने वाले समय में ये नियंत्रण में रहेंगी। यह कोई कृत्रिम नियंत्रण से नहीं है, बल्कि मांग और आपूर्ति प्रबंधन के जरिए है।

एक देश और एक कीमत के लिहाज से उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में पहली बार खुदरा स्तर पर बिजली 2.35 रुपये प्रति यूनिट पर उपलब्ध है। आप देश में कहीं भी 2.35 रुपये पर बिजली ले सकते हैं। आपको याद होगा कि दक्षिण भारत 8 से 10 रुपये प्रति यूनिट की दर पर बिजली खरीदा करता था। एक समय तो यह 15 रुपये तक चला गया था। कीमतें काफी नीचे आ चुकी हैं।

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