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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने लोकसभा में सोमवार को भगवद् गीता, वेदों और अन्य धार्मिक पुस्तकों को स्कूली पाठयक्रम में शामिल करने के प्रस्ताव पर कहा कि धार्मिक पुस्तकों को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने का प्रस्ताव उसके विचारार्थ नहीं है। मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने लोकसभा में एक सदस्य के सवाल के लिखित जवाब में कहा कि मंत्रालय (मानव संसाधन विकास) के विचारार्थ इस तरह का कोई प्रस्ताव नहीं है। 

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