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केन्‍द्र सरकार द्वारा कराई गई जांच में कई कंपनियों के कोल्‍ड ड्रिंक्‍स में खतरनाक तत्‍व पाए जाने की रिपोर्ट सामने आई है। पेप्सिको तथा कोका कोला जैसी कंपनियों के कोल्ड्रिंक्स में एंटीमोनी, लीड, क्रोमियम, कैडमियम और कम्पाउंड डीईएचपी जैसे जहरीले तत्व मिले हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (डीटीएबी) ने जांच में पेप्सी, कोका कोला, माउंटेन ड्यू, स्प्राइट और 7 अप कोल्ड्रिंक्स के सैंपल्स को शामिल किया था। 7 अप और माउंटेन ड्यू पेप्सिको कंपनी के उत्‍पाद हैं वहीं, स्प्राइट कोका कोला कंपनी का ड्रिंक है। इस रिपोर्ट के बाद जहां पेय पदाथों के इंसानों के लिए सुरक्षित होने पर सवाल खड़े हो गए हैं, वहीं कॉर्पोरेट कंपनियों के रसायनों से खिलवाड़ पर भी उंगलियां उठ रही हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि कोल्‍ड ड्रिंक बनाने वाली कंपनी पेप्सिको खुद अदालत में यह साबित कर चुकी है कि उसके उत्‍पाद ‘माउंटेन ड्यू’ में अगर कोई चूहा रखा जाए तो वो 30 दिनों के भीतर घुल जाता है। ये मामला है 2009 का। तब अमेरिका के मैडिसन काउंटी में रहने वाले रोनाल्‍ड बॉल ने दावा किया था कि उसने अपने ऑफिस से माउंटेन ड्यू का जो कैन खरीदा, उसका स्‍वाद उसे बेहद खराब लगा। उसने अदालत में यह दावा किया कि जब उसने ड्रिंक पी तो वह इतनी बुरी तरह से बीमार हो गया कि तुरंत उल्टियां करने लगा। बॉल ने आरोप लगाया था कि ‘माउंटेन ड्यू के उस कैन को एक कप में पलटा गया तो उसमें से एक मरा हुआ चूहा निकला।’ बॉल ने पेप्सिको को शिकायती पत्र के साथ चूहा भी भेजा। उसका कहना था कि सोडा में चूहे का शरीर गल गया था।

पेप्सिको ने बॉल के दावे को खारिज कर दिया और मुकदमा खारिज कराने के लिए एक एफिडेविट दायर किया। जिसमें कंपनी ने कहा कि टेस्टिंग यह दिखाती है कि चूहा उतने समय में घुल गया होगा, जितने समय में बॉटलिंग से लेकर उसने पीने तक का दावा किया है। वेटेरिनेरियन लॉरेंस मैकगिल ने पाया कि अप्रैल 2008 में जब कैन को सील करके भेजा गया था, तब से अगर उसमें चूहा होता तो वह 30 दिन के बाद ‘जेली-जैसे’ पदार्थ में घुल गया होता। उनका कहना था कि ‘वह एसिडिक द्रव्‍य के ऐसे प्रभावों से परिचित हैं, जो कि माउंटेन ड्यू जैसे सोडा ड्रिंक्‍स में आम बात है, इसका चूहों व अन्‍य जानवरों पर प्रभाव होता है।’ उन्‍होंने अदालत में बताया कि अगर एक चूहा माउंटेन ड्यू में चार से सात दिन तक डूबा रहे तो ‘उसकी हड्डियों में कैल्शियम नहीं रह जाएगा।’ मैकगिल के मुताबिक, सिर्फ ‘चूहे की पूंछ का हिस्‍सा’ ही बच पाएगा।

अदालत में कंपनी ने कहा कि बॉल ने माउंटेन ड्यू का जो कैन खोला, उसे 74 दिन पहले सेंट लुइस में बॉटल किया गया था। पेप्सिको ने यह भी कहा कि बाॅल ने कैन में चूहा होने का कोई सबूत नहीं दिया है। बॉल ने 50,000 डॉलर के हर्जाने की मांग की थी। हालांकि पेप्सिको अपने दावे को साबित करने में कामयाब रही और केस खारिज हो गया। अब आप समझ सकते हैं कि अगर चूहा 30 दिन में घुल सकता है, तो ड्रिंक आपके शरीर में जाने पर कैसा असर कर सकती है।

जो सरकार आज अपनी रिपोर्ट में कह रही है राजीव दीक्षित जी ने ये सब 1992 से ही लोगो को बताना शुरू कर दिया था और इससे भी बेहतर तरीके से जो आप इस विडियो में देख सकते है >>

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