loading...

कुछ बेहद गंभीर मुद्दे देश के सामने आकर खड़े हो गये हैं , हालाँकि ये मुद्दे पुरे विश्व को प्रभावित कर रहे हैं पर फिलहाल तो हम अपने देश में पैदा हो रही भयावह स्थितियों की बात करते हैं , स्थिति इस कदर भयानक हो गयी है कि तुरंत और प्रभावी ढंग से इसका हल किये जाने की जरुरत है , आईये पहले  उन कुछ घटनाओं पर नज़र डालते हैं जिनकी वजह से देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर हमारा डर बढ़ता जा रहा है , ये लेख हम आप लोगों में किसी भी प्रकार का भय उत्पन्न करने के लिए नही लिख रहे बल्कि इस लेख के माध्यम से हम आपका ध्यान देश में पैदा हुई और लगातार बढ़ रही एक समस्या की तरफ आकर्षित चाहते हैं

1- अब्दुल रशीद और फरीद खान नाम के 2 भारतीय सैनिकों को अभी हाल ही में पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है

2- जम्मू कश्मीर में आये दिन isis के झंडें लहराना और तिरंगा जलाना लगभग रोज की बात हो गयी है

3- ISIS ने अभी हाल ही में भारत के PM मोदी जी को मारने की धमकी दी है

4- जयपुर में इंडियन आयल में काम करने वाले एक देशद्रोही ISIS  एजेंट सिराजुदीन  को अभी गिरफ्तार किया गया है

5-  Kafaitullah Khan alias Master Raja नाम के सैनिक को पिछले महीने ISIS के लिए काम करने के आरोप में पकड़ा गया है

Captureisis

loading...

6- कलकत्ता के एक बार टेंडर अख्तर खान को आतंकवादियों के लिए काम करने के लिए पिछले महीने पकड़ा गया है

7- बी . के. सिन्हा नाम के व्यक्ति को जयपुर से पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी isi की मदद करने के आरोप में पकड़ा गया है

8- Mohammand Eizaz alias Mohammad Kalam नाम के पाकिस्तानी को नवम्बर महीने में ही उत्तर प्रदेश से पकड़ा गया है , उस पर भी आतंकवाद और पाकिस्तान के लिए जासूसी करने का आरोप है

इस तरह की और भी अनेक घटनाएँ हुई हैं पर हमारा मकसद कुछ घटनाओं के बारे में बताकर आपको समस्या की गंभीरता का अहसास करवाना है , उपरलिखित 8 गिरफ्तारियों में से कोई भी 2 महीने से ज्यादा पुरानी नही है और अभी कल की एक घटना में राजस्थान के टोंक से एक सनसनीखेज खबर आई है , वहां पर कांग्रेस पार्टी के पार्षद की अगुवाई में शहर में निकाले गये एक जुलुस में सरे आम ISIS जिंदाबाद और भारत मुर्दाबाद के नारे लगाये गये , ये लेख लिखे जाने तक कांग्रेस पार्षद मरगूब अहमद को कांग्रेस पार्टी ने बाहर नही निकाला है और कांग्रेस उसके निर्दोष होने की बात कह रही है , अभी कुछ देर पहले समाप्त हुए जी न्यूज़ के कार्यकर्म में कांग्रेस प्रवक्ता अर्चना शर्मा ने दावा किया कि उनके जिलाधीश की रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस पार्षद इसमे शामिल नही था हालाँकि उन्होंने ये भी कहा की दोषी पाए जाने पर कांग्रेस पार्षद को पार्टी से निकाल दिया जाएगा , उधर आम आदमी पार्टी और बाकी किसी पार्टियों ने इस घटना पर चुप्पी साध रखी है और उनका कोई आधिकारिक बयान सामने नही आया है , बीजेपी कहती है कि जो भी दोषी हैं उन पर कठोर करवाई की जायेगी और 4 लोगों की टोंक की इस घटना के बाद गिरफ्तारी हुए भी है परन्तु दोषियों की संख्या इससे कहीं ज्यादा है

terrorism-in-india-5-638

Image Source 

इसमे सबसे बड़ी समस्या भारतीय राजनितिक पार्टियों के रैवीये को लेकर आती है , इशरत जहाँ के बारे में आप सबको पता है जब उसका एनकाउंटर किया गया था तो देश की लगभग सभी राजनितिक पार्टियों ने मुस्लिम वोट बंक की राजनीति के चलते बीजेपी पर फर्जी एंकाउन्टर करने का आरोप लगाया था पर जब हेडली शयेद खान ने अपनी गवाही में साफ़ क्र दिया कि इशरत जहाँ लश्कर की आतंकवादी थी तो जिन्होंने पहले उसकी खूब सपोर्ट की थी उनमे से किसी ने भी माफ़ी नही मांगी और तो और दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल जो फिल्मों से लेकर हर बात पे ट्वीट करते रहते हैं उन्होंने भी इशरत जहाँ के मामले में जुबान नही खोली , यहाँ किसी राजनितिक पार्टी विशेष  की बात नही है क्यूंकि इस हमाम में सभी नंगे हैं और सबका ही कुछ न कुछ कुसूर है

पर ये देश तो सबका है और हम सभी इस देश में रहते हैं – कुछ सवाल हैं जिसका जवाब हर पार्टी को देना चाहिए विशेषकर कांग्रेस पार्टी को ..

क्या वोट बैंक देश से बड़ा है ? क्या देश की सुरक्षा वोट बैंक के लिए बेच देना सही है ?

क्या वोट लेने के लिए सारे देश को कश्मीर की तरह आतंकवाद की आग में धकेल दिया जाएगा ?

क्या बटाला हाउस की तरह आगे भी कांग्रेस अध्यक्षा आतंकवादियों के मरने पे आंसू बहानयेंगी ?

क्या आतंकवादियों के खिलाफ की गयी किसी भी कारवाई को मजहब से ना जोड़कर देश हित में देखा जाएगा और देश के भोले भाले लोगों को राजनितिक रोटियां सेकने के लिए असहिस्नुता जैसे झूठे मुद्दे में उलझाना बंद किया जाएगा ?

हमारी देश की सभी पार्टियों से हाथ जोड़कर गुजारिश है कि हर बात पे राजनीती करना उचित नही है , ना ही चुनाव में हार जीत को इतना बड़ा कर देना चाहिए कि वापिस सत्ता में आने के लिए घटिया हथकंडे अपनाये जाएँ , आतंकवाद देश के लिए बहुत बड़ा खतरा है और इसका कडाई से दमन किये जाने की आवश्यकता है , देश में कुछ तथाकथित बुद्धिजीवी हैं जो हमेशा पाकिस्तान परस्ती की बात करते हैं , उनको भी एक कड़ा सन्देश दिया जाना चाहिए कि भारत विरोधी कार्य और बयानबाजी करके आप हमसे सहिस्नुता की उम्मीद नही कर सकते और अभिवयक्ति की आजादी के नाम पर देश द्रोह की बिलकुल छूट नही दी जायेगी अगर वक़्त रहते कड़े कदम नही उठाये गये तो हमे और हमारी आने वाली पीढ़ियों को आतंकवाद की भारी तपिश महसूस करनी होगी और तब कहने के लिए सिर्फ एक बात बचेगी कि “अब पछताये होत क्या जब चिड़िया चुग गयी खेत ”  कहीं ऐसा ना हो कि हमे भी देश में Donald Drum जैसे नेताओं की आवश्यकता महसूस हो .

CLICK ON NEXT BUTTON FOR NEXT SLIDE

loading...
शेयर करें