loading...

Chanakya

loading...

चन्द्रगुप्त मौर्य के महान गुरु आचार्य चाणक्य के हजारों वर्षों पहले ही कहे हुए वचन आज भी उतने है प्रासंगिक हैं जितने वह को हजारों वर्षों पूर्व थे। आवश्यकता है कि हर भारतीय, हर राष्ट्रवादी उनके वचनो से कुछ प्रेरणा ले।

“पाटलिपुत्र मेरी जन्मभूमि नहीं है, और न ही है वह तक्षशिला; न ही है वह मगध और न ही है वह गांधार। हिमालय से लेकर समुद्र पर्यन्त भूमि का कण-कण मेरा है और उसे अपनी गौरवशाली मातृभूमि कहने का मुझे अधिकार है और मुझसे मेरा वह अधिकार कोई नहीं छीन सकता।” – आचार्य चाणक्य

फिलहाल, हम आपको धारावाहिक चाणक्य से एक चुनिंदा अंश दिखाने जा रहे हैं। इस विडियो को देखकर ही आप समझेंगे की राष्ट्र क्या है और राष्ट्र संकट क्या!

अगले पृष्ठ पर देखे Video 

1 of 2
CLICK ON NEXT BUTTON FOR NEXT SLIDE

loading...
शेयर करें