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भारत देश का कानून कहता है की 100 गुनेगार बच जाएँ पर एक निर्दोष को फांसी ना हो, इतिहास से भारत में अगर सबसे बड़ी कोई सज़ा है तो वो है फांसी की सज़ा, आपने कई बार मुजरिम को मूवीज में फांसी के फंदे पर लटकते देखा होगा l पर क्या आपने ये बात देखी है फांसी के फंदे पर अक्सर मुजरिम को सुर्युदय से पहले लटकाया जाता है, या क्यूँ फांसी के समय पर कुछ ही लोग होते हैं ? जाने फांसी से जुड़ी ऐसी ही कुछ ख़ास बातें l 

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सुबह के वक़्त ही क्यूँ दी जाती है फंसी 

  1.  जेल प्रशासन के लिए सबसे बड़ा काम है फांसी देना l  इसलिए इसको सुबह ही निपटा दिया जाता है, ताकी फिर इसकी वजह से दिन के दूसरे काम प्रभावित ना हों l

hang-tillजिसको फांसी की सज़ा सुनाई जाती है जरा सोचिए उसके लिए सज़ा सुनाने से लेकर फांसी के दिन तक का समय कितना कठिन होता होगा, तो इसी बात को ध्यान में रखते हुए फांसी सुबह दे दी जाती है l

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एक कारण ये भी है की कैदी के घरवालों को इतना टाइम मिल जाए वो अन्तिम्संस्कर की तैयारी कर लें l

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  1. किसी को फांसी होना समाज के लिए एक बड़ी खबर है, मीडिया और समाज सुबह के वक़्त इतने सक्रिय नही होते इसीलिए भी मुजरिम को सुबह के वक़्त फांसी दी जाती है l

अगले पेज पर पढ़ें फांसी के समय कौन-कौन होता है मौजूद

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