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‘’वन्देमातरम’’ बंकिमचंद्र चटर्जी ने लिखा था ! उन्होने इस गीत को लिखा ! लिखने के बाद 7 साल लगे जब यह गीत लोगो के सामने आया ! क्यूँ की उन्होने जब इस गीत लो लिखा उसके बाद उन्होने एक उपन्यास लिखा जिसका नाम था ‘’आनद मठ’’ उसमे इस गीत को डाला ! वो उपन्यास छपने मे 7 साल लगे ! 1882 आनद मठ उपन्यास का हिस्सा बना वन्देमातरम और उसके बाद जब लोगो ने इसको पढ़ा तो इसका अर्थ पता चला की वन्देमातरम क्या है ? आनद मठ उपन्यास बंकिम चंद्र चटर्जी ने लिखा था जो अँग्रेजी सरकार के विरोध में और उन राजा महाराजाओ के विरोध में था जो किसी भी संप्रदाय के हो लेकिन अँग्रेजी सरकार को सहयोग करते थे? फिर उसमे उन्होने बगावत की भूमिका लिखी कि अब बगावत होनी चाहिए ! विरोध होना चाहिए ताकि इस अँग्रेजी सत्ता को हम पलट सके ! और इस तरह वन्देमातरम को सार्वजनिक गान बनना चाहिए ये उन्होने घोषित किया !

उनकी एक बेटी हुआ करती थी जिसका अपने पिता बंकिमचंद्र चटर्जी जी से इस बात पर बहुत मत भेद था ! उनकी बेटी कहती थी आपने यह वन्देमातरम लिखा है उसके ये शब्द बहुत कलिष्ट हैं ! कि बोलने और सुनने वाले कि ही समझ में नहीं आएंगे ! इसलिए गीत को आप इतना सरल बनाइये कि बोलने और सुनने वाले कि समझ मे आ सके !

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