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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने फिर एक बार सारी हदें पार कर दी है l उनकी लम्बी जुबान ने फिर एक बार जेएनयू में ज़हर उगला हैl टॉपिक फिर वही इनका फेवरिट रहा- मोदी और बीजेपी! लेकिन ये अब कितने नीचे स्तर पर गिर चुके हैं ये तो आपको इनके इस भाषण में इनकी लैंग्वेज (language) देख कर पता लग जायेगा जो एक मुख्यमंत्री का कतई नहीं होना चाहिए l

जब पूरा दिल्ली चिकुनगुनिया की वजह से अस्पताल में भर्ती था और इनसे जवाब माँगा गया, तब तो इन्होने “PM से पूछे” कहकर पल्ला झाड दिया था l पर हाल ही में एक पूर्व सिपाही की आत्महत्या कर लेने की खबर (जिसकी वजह OROP का लागू न होना बताई जा रही है) जैसे ही सामने आई, ये तुरंत हाथ में माइक लिए पहुच गए मोदी और सरकार को जनता के सामने ज़लील करने, और वो भी जेएनयू में जो पहले से ही भाजपा के खिलाफ रहता है!

देखें वीडियो:

केजरीवाल हमेशा बोलते दिखते है कि मोदी देश को बाँट रहे हैं पर शायद वो ये भूल गए हैं कि वो मोदी ही थे जिन्होंने UCC और तीन तलाक पर आवाज़ उठायी है! और केजरीवाल तो इस सबसे कोसो दूर दिखे हैं क्योंकि इस सबमे पड़ गए तो इनके वोट बैंक पर जो फर्क पड़ जायेगा!

इन्होने सर्जिकल स्ट्राइक और भोपाल एनकाउंटर पर सवाल खड़े करके आर्मी और पुलिस को कटघरे में ले लिया था l अब स्टूडेंट्स के सामने इस तरीके की भाषा यूज़ कर, ऐसे भाषण देकर ये इन्हें भी भड़का रहे हैं!

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