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1991 मे चुनाव का दौर चल रहा था ! कोई परिणाम अभी आया नहीं था मई 1991 की बात है राजीव गांधी अभी जिंदा थे फ्रांस के एक लोकल अखबार Le Monde मे एक खबर छपी ! खबर ये थी की किसी भी पार्टी की सरकार आये लेकिन अगले वित मंत्री डाक्टर मनमोहन सिंह होंगे
(Dr. Manmohan Singh would be the next Finance Minister of India.) 42.-Manmohan-Singh-Exposed-as-America-s-Agent-By-Rajiv-Dixit-Ji

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राजीव भाई ने भी ये खबर जब पढ़ी तो वो हैरान हो गए और ये अखबार की कटिंग अपने कुछ मित्रो को दिखाई तो उन्होने बात मज़ाक मे टाल दिया की उन्होने कहा ये लोग कुछ भी लिखते रहते है ऐसे ही ये भी लिख दिया होगा !लेकिन जब चुनाव के बाद मनमोहन सिंह को सच मे वित मंत्री की शपथ दिलवाई जा रही थी तो राजीव भाई के कान खड़े हो गए की Le Monde अखबार कैसे कहता है की मनमोहन सिंह अगले वित मंत्री होंगे ?? तब राजीव भाई के एक परिचित है world bank मे काम करते थे

उन्होने राजीव भाई को बताया की शायद तुम जानते नहीं world bank बहुत पहले तय कर चुका था की मनमोहन सिंह को अगला वित मंत्री बनाना है! राजीव भाई ने कहा मनमोहन सिंह और world बैंक मे क्या नाता है ?? तो उन्होने ने कहा मनमोहन सिंह वर्ल्ड बैंक मे 10 साल नौकरी कर चुके हैं ! world bank IMF को एक ऐसा व्यकित चाहिए जो भारत मे उनको शर्तो को लागू करवा सके और उनके हित के लिए कानून बनवा सके !

अर्थात इस देश का वित मंत्री कौन होगा ये हमारी संसद तय नहीं करेगी world BANK, IMF तय करेगा ? तो इस देश के लोकतन्त्र और राजनीतिक प्र्भुस्त्ता का क्या अर्थ बचा ??

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