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वाराणसी/आजमगढ़। शनिवार को सरकार ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस से जुड़ी सीक्रेट फाइलें सार्वजनिक कर दी हैं। वहीं आजमगढ़ जिले के मुबारकपुर में रहने वाले 116 साल के कर्नल निजामुद्दीन दावा करते हैं कि वह ऐसे अकेले जिंदा शख्स हैं जो नेताजी के करीबी थे। निजामुद्दीन के मुताबिक, वह नेताजी के पर्सनल बॉडीगार्ड थे और उनके साथ कई देशों की यात्रा पर जा चुके हैं। उन्होंने ने नेताजी से जुड़े कई किस्से बताए… colonel_1453540248

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 उन्होंने 20 अगस्त 1947 को आखिरी बार नेताजी को बर्मा में छितांग नदी के पास नाव पर छोड़ा था। आजाद हिंद फौज के गठन के साथ नेताजी ने लोगों को रंगून में इकट्ठा होने को कहा। जुलाई 1943 को बर्मा, सिंगापुर, रंगून के प्रवासी-भारतीयों ने फंड के लिए 26 बोरे सोने, चांदी, हीरे-जवाहरात और पैसों से नेताजी को तराजू में तौल दिया था। 18 अगस्त 1945 को जिस वक्त नेताजी के मौत की खबर रेडियो पर चली, उसे वह नेताजी के साथ ही बैठकर बर्मा के जंगल में सुन रहे थे। एक दिन में जमा हुए थे 20 करोड़ रुपए।

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