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तलाक, तलाक, तलाक‘, ये शब्द सुनना एक शादीशुदा मुसलमान महिला के लिए बहुत मुश्किल है l इसी पर अब सुप्रीम कोर्ट के पूछने पर केंद्र सरकार ने साफ़ तौर पर बता दिया है कि वो इसका विरोध करती है और इस अब इसे और जारी रखने के पक्ष में भी नहीं है lhfjh

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भारत सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है, और लोकतंत्र का सबसे पहला पहलु है कि इसमें सभी एक सामान हैं, सभी के एक समान हक हैं! पर अलग-अलग मजहबों,कम्यूनिटीज़ के अलग-अलग पर्सनल लॉ लोकतंत्र के इस अहम पहलु को खोकला करार रहे थे, इसीलिए UCC (यूनिफार्म सिविल कोड) की ज़रूरत को महसूस किया गया और आज सरकार इसे लागू कर देना चाहती है l

पर इसमें सबसे ज्यादा दिक्कत मुसलामानों को ही लग रही है जिन्हें ये बात मंजूर तो क्या पच तक नहीं पा रही l और यह इसलिए क्योंकि UCC लागू होने से हर मजहब के लिए एक जैसा कानून आ जाएगा l यानी मुस्लमानों को भी तीन शादियां करने और पत्नी को महज तीन बार तलाक बोले देने से रिश्ता खत्म कर देने वाली परंपरा खत्म हो जाएगी.

आगे देखें वीडियो, मोदी का तीन तलाक पर मुस्लिम बहनों से क्या कहना है

 

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