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हाई प्रोफाइल दौरों से लोगों को दिक्कतें तो होती हैं लेकिन कुछ अनोखे फायदों की वजह से भी लोग चाहते हैं कि बड़े लोग उनके शहर में जितना हो सके आते रहें 

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                                                          फाइल फोटो | पीआईबी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापानी प्रधानमंत्री शिंजो अबे आज देश की सांस्कृतिक राजधानी कहे जाने वाले वाराणसी में होंगे. गुजरात के मेहसाणा से निकले नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी ही है. इस दौरे की तैयारियों की वजह से स्थानीय लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. अत्यधिक सुरक्षा व्यवस्था लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रही है. कुछ रास्तों पर आम लोगों का आना-जाना बंद कर दिया गया है. इसके अलावा भी कई दिक्कतें हैं, जिनका सामना प्रधानमंत्री के दौरे की वजह से यहां के लोग कर रहे हैं. फिर भी वाराणसी के लोग चाहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अकेले या अपने साथ शिंजो अबे जैसे किसी हाईप्रोफाइल व्यक्ति को लेकर बार-बार यहां आते रहें तो इसके कुछ अनोखे कारण भी मौजूद हैं.

एक मजेदार तथ्य यह भी है कि लोग चाहते हैं कि प्रधानमंत्री जब-जब बनारस आएं, यहां के अलग-अलग रास्तों का इस्तेमाल करें ताकि यहां के ज्यादा से ज्यादा रास्तों को ठीक किया जा सके

सड़कों की मरम्मत

स्थानीय लोगों से बातचीत में पता चलता है कि जब-जब प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी बनारस आए हैं, तब-तब उन सड़कों की मरम्मत हुई है जिन सड़कों से वे गुजरते हैं. लोग यह भी बताते हैं कि इस तरह के दौरे में कोई महीने भर का वक्त तो होता नहीं है बल्कि वक्त काफी कम होता है. इसका फायदा यह होता है कि कम समय में काफी तेजी से सड़कों की मरम्मत का काम हो जाता है. इस बार भी मोदी और शिंजो अबो को जिन रास्तों से गुजरना है, उनकी मरम्मत हो गई है. उन सड़कों को एक तरह से गड्ढा मुक्त बना दिया गया है. बाबतपुर हवाई अड्डे से लेकर वाराणसी शहर तक की सड़क की मरम्मत इस बार हुई है. एक मजेदार तथ्य यह भी है कि लोग चाहते हैं कि प्रधानमंत्री जब-जब बनारस आएं, तब-तब वे अलग-अलग रास्तों का इस्तेमाल करें ताकि यहां के ज्यादा से ज्यादा रास्तों को ठीक किया जा सके

सफाई

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प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र होने की वजह से वाराणसी में मोदी की प्रिय योजनाओं में से एक स्वच्छ भारत अभियान के तहत कई तरह के काम चल रहे हैं. लेकिन इसके बावजूद दूसरे शहरों की तरह बनारस भी गंदगी से त्रस्त है. प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा की वजह से शहर में सफाई होती दिख रही है. खास तौर से उन इलाकों में जिधर दोनों प्रधानमंत्रियों के जाने की संभावना है. शहर के लोग इस बात पर भी प्रसन्न दिख रहे हैं कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा में लगी एसपीजी ने स्थानीय प्रशासन को प्रधानमंत्री के आने-जाने का पक्का रूट नहीं दिया है. एसपीजी ने शहर के अंदर प्रधानमंत्री के लिए तीन रास्तों का चयन किया है और स्थानीय प्रशासन को कहा है कि ऐन मौके पर एसपीजी तय करेगी कि प्रधानमंत्री किस रास्ते से जाएंगे. इस वजह से स्थानीय प्रशासन को इन तीनों रास्तों की ही साफ-सफाई करनी पड़ रही है.

लोग इस बात पर भी प्रसन्न हैं कि एसपीजी ने स्थानीय प्रशासन को प्रधानमंत्री का पक्का रूट नहीं दिया है. इस वजह से स्थानीय प्रशासन को कई रास्तों की साफ-सफाई करनी पड़ रही है.

रंग-रोगन

जिन रास्तों से भी दोनों प्रधानमंत्रियों के जाने की संभावना है उन रास्तों के खंभों से लेकर सड़क के डिवाइडरों तक का रंग-रोगन करके उन्हें चमकाने का काम हो रहा है. दिन-रात चल रहे इस काम में सैंकड़ों की संख्या में मजदूर लगे हुए हैं. प्रशासन इस काम को युद्धस्तर पर पूरा कराने की कोशिश में है. इस वजह से उसे मजदूरी भी अधिक देनी पड़ रही है. बाबतपुर हवाई अड्डे से लेकर बनारस बीच की तकरीबन 30 किलोमीटर की सड़क के अलावा शहर के अंदर की सड़कों पर भी यह काम चल रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे तो प्रशासन रंग-रोगन का काम कराता नहीं लेकिन प्रधानमंत्री की यात्रा के बहाने ही सही यह काम तो हुआ.

चुस्त प्रशासन

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिंजो अबे की हाई प्रोफाइल यात्रा की वजह से वाराणसी का प्रशासन भी खासा चुस्त हो गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि सामान्य दिनों में तो प्रशासन का ढीला-ढाला रवैया ही देखने को मिलता है लेकिन जब भी प्रधानमंत्री मोदी को यहां आना होता है तो वह बेहद चुस्त हो जाता है. लोग यह भी बताते हैं कि जब भी प्रधानमंत्री के आने की तैयारी में प्रशासन जुटता है तब आपराधिक घटनाओं में भी कमी आती है क्योंकि प्रशासन की चुस्ती से अपराधियों के मन में भय पैदा हो जाता है.

जब भी प्रधानमंत्री के आने की तैयारी में प्रशासन जुटता है तब आपराधिक घटनाओं में भी कमी आती है क्योंकि प्रशासन की चुस्ती से अपराधियों के मन में भय पैदा हो जाता है

बिजली के तारों की मरम्मत

बनारस की बड़ी समस्याओं में एक है बिजली के खंभों पर तारों का जंजाल. हालांकि, इस समस्या से उत्तर प्रदेश का शायद ही कोई शहर हो, जो अछूता हो. लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के दौरे की वजह से खास तौर पर उन सड़कों पर जिनसे होकर उन्हें गुजरना है, बिजली के तारों की भी मरम्मत हुई है. बिजली के खंभों के तारों के जंजाल को ठीक किया गया है.

हालांकि, इस वजह से स्थानीय लोगों को बिजली कटौती की परेशानी से भी जूझना पड़ रहा है लेकिन लोग इस बात से खुश भी हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के बहाने ही सही यह काम तो हुआ. लोगों को मालूम है ​कि मरम्मत की प्रक्रिया में थोड़ी बिजली कटौती भले ही हो रही हो लेकिन अंतत: इसका फायदा भी उन्हें ही मिलेगा. क्योंकि तारों के आपस में उलझ जाने की वजह से कई बार लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित होने की परेशानी स्थानीय लोग उठाते रहे हैं.

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