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Somanth-Temple-3

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देश की पश्चिम दिशा में अरबी समुद्र के तट पर बने भगवान सोमनाथ महादेव का मंदिर बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। इस मंदिर का भव्य निर्माण 11 मई 1951 को भारत के प्रथम राष्ट्रपति दिवंगत राजेन्द्र प्रसाद ने करवाया था। पौराणिक कथाअों के अनुसार इस मंदिर को सबसे पहले चन्द्रमा (सोम)  ने बनाया था। जिसके कारण इस मंदिर का नाम सोमनाथ मंदिर पड़ा।

श्राप का कारण
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार राजा दक्ष ने अपनी 27 पुत्रियों का विवाह चंद्रमा से किया  लेकिन वह उनमें से केवल रोहिणी को अत्यधिक स्नेह करते थे। अपनी उपेक्षा होते देख बाकी कन्याअों ने सारी व्यथा अपने पिता दक्ष को बताई। राजा दक्ष के बार-बार समझाने पर भी चंद्रमा ने अपना व्यवहार नहीं सुधारा तो उन्होंने उसे क्षयरोग होने का श्राप दे दिया।

अगले पृष्ठ पर पढ़े- श्राप का निवारण, ऐतिहासिक

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