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मुंबई।सेक्शुअल हरासमेंट व धोखाधड़ी के कथित आरोपों को लेकर विवादों में घिरी राधे मां को पुलिस बचाने की कोशिश कर रही है। फाल्गुनी ब्रम्होभट्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर एफिडेविट में यह दावा किया है। हलफनामा महाराष्ट्र सरकार की ओर से दिए गए जवाब पर दायर किया गया। भट्ट ने कहा है कि पुलिस निष्पक्षता से मामले की जांच नहीं कर रही है। अपने आप को संन्यासिन बताने वाली राधे मां पर लोगों को गुमराह कर सेक्स के लिए मजबूर करने का आरोप लगा है। Radhe-maan-2
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राधे मां पर लगा है ये आरोप

-मामले में हस्तक्षेप आवेदन करनेवाले रमेश जोशी ने कहा है कि पुलिस को राधे मां के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार के जादू टोना विरोधी (ब्लैक मैजिक) कानून के तहत मामला दर्ज करना चाहिए। पर पुलिस ने ऐसा नहीं किया है।

-अश्लीलता फैलाने व दहेज प्रताड़ना के आरोप लगे हैं। यह भी दावा किया गया है कि राधे मां लड़के-लड़कियों को गुमराह कर आशीर्वाद देने के नाम पर पर्सनल रूम में ले जाती है और सेक्स के लिए मजबूर करती हैं।
-सुनवाई के दौरान भट्ट ने कहा कि कई जानी-मानी-हस्तियां उसके दरबार में जाती हैं। उनके प्रचार करने के लिए एजेंट नियुक्त किए गए हैं। माता की चौकी के नाम पर कई गड़बड़ियां होती हैं। जिस ट्रस्ट के नाम पर दान लिया जाता है वह ट्रस्ट वास्तव में रजिस्टर ही नहीं है।
-एक तरह से धर्म के नाम पर सेक्स रैकेट चलता है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने सिर्फ अब तक उनका बयान दर्ज किया है। उनकी कंप्लेन का संज्ञान तक नहीं लिया है। इसलिए मामले के हर पहलू की जांच होनी चाहिए।

आगे पढ़े >> कौन है राधे मां

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