loading...

hqdefault

loading...

कलौंजी (Nigella) को इस धरती पर संजीवनी भी कहते है क्योंकि यह अनगिनत रोगों का इलाज चुटकियों में ठीक करता है।

कलौंजी को सेवन करने का तरीका 

  1. कलौंजी के बीज का सीधा भी ले सकते हैं।
  2. शहद से साथ एक छोटा चम्मच कलौंजी को मिलाकर सेवन कर सकते हैं।
  3. कलौंजी को पानी में उबाल कर छान लें और पियें।
  4. दूध में भी कलौंजी को उबालकर कर पी सकते हैं।
  5. कलौंजी को ब्रैड, पनीर तथा पेस्ट्री के ऊपर डाल कर भी ले सकते हैं।

कलौंजी का उपयोग

डायबटीज – रोज 2 ग्राम कलौंजी का सेवन करने से शरीर में इन्सुलिन की मात्रा कम होती है और बीटा सैल की कार्यप्रणाली में वृद्धि होती है।

मिर्गी – कलौंजी के सत्व का सेवन करने से मिर्गी से पीड़ित बच्चों दोरा कम पड़ता है।

उच्च रक्तचाप – 200 या 100 मिलीग्राम कलौंजी के सत्व का दिन में दो बार सेवन करने से हाईपरटेंशन के रोगियों में ब्लड प्रेशर कम होता है।

दमा – पानी के साथ कलौंजी को उबाल कर लेने से अस्थमा में काफी सुधार होता है।

गंजाप – जली हुई कलौंजी को अगर बालो में लगाने वाले तेल के साथ मिलाकर लगाये तो गंजापन दूर हो जाता है नये बाल उगने लगते हैं।

कान की सुजन – कान में कलौंजी का तेल डाला जाये तो कान की सुजन दूर हो जाती है और बहरापन भी दूर हो जाता है।

लकवा – एक कप दूध के साथ एक चोथाई चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर 1 महीने तक पीने और रोगग्रस्त अंगों पे मालिश करने से लकवा ठीक होता है।

सर्दी जुखाम – कलौंजी के बीजो को सेकने के बाद एक कपड़े में लपेटकर सूंघने से या कलौंजी का तेल और जैतून का तेल बराबर मात्रा में नाक में टपकाने से सर्दी जुखाम समाप्त होता है।

पोलियों का रोग – कलौंजी का तेल और एक चम्मच शहद को आधा कप गर्म पानी में मिलाकर खाली पेट और रात सोते समय लेने से पोलियों रोग ठीक हो जाता है।

जोड़ो का दर्द – आधा चम्मच कलौंजी का तेल एक चम्मच सिरका, दो चम्मच शहद मिलाकर सुबह खाली पेट या रात को सोते समय लेने से जोड़ो का दर्द ठीक हो जाता है।

आँखों के सभी रोग  – आँखों में पानी आना, मोतियाबिंद, आँखों की रौशनी कम होना, आँखों की लाली इस सभी बिमारियों के लिए एक कप गाजर का रस, आधा चम्मच कलौंजी का तेल और दो चम्मच शहद मिलाकर दिन में 2 बार सेवन करने से आँखों के सभी रोग ठीक हो जाते है रात को सोते समय आँखों की पलकों पे कलौंजी का तेल लगाने से आँखों के रोग समाप्त होते है रोगी को आचार, बैंगन, अंडा व् मछली नहीं खाना चाहिए।

1 of 2
CLICK ON NEXT BUTTON FOR NEXT SLIDE

loading...