पुरुष आंतकियों को जन्नत में मिलती हैं 72 हूरें, तो महिलाओं को 72 लोंडे क्यों नहीं ?

ट्वीट में लिखा- “4 इस्लामिक आतंकियों को बांग्लादेश सेना ने कल (सोमवार) मार गिराया। बाकी के आतंकी बांग्लादेश से बाहर भागने की कोशिश करेंगे। बीएसएफ हाई अलर्ट पर है।

बांग्लादेश के सिलहट में इस्लामिक स्टेट के आतंकियों ने फिर हमला किया। बीते 5 दिनों से सिलहट स्थित पांच मंजिला इमारत पर कब्जा जमा लिया था और लोगों को बंधक बना लिया था। आंतकी इमारत के अंदर से ही फायरिंग कर रहे थे। आतंकियों के खात्मे के लिए बांग्लादेश सेना ने ऑपरेशन ‘ट्वाईलाईट’ चलाया। आईएस द्वारा किए गए हमले को लेकर बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन ने मंगलवार को एक के बाद एक दो ट्वीट किए। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा- “4 इस्लामिक आतंकियों को बांग्लादेश सेना ने कल (सोमवार) मार गिराया। बाकी के आतंकी बांग्लादेश से बाहर भागने की कोशिश करेंगे। बीएसएफ हाई अलर्ट पर है।” तसलीमा ने अपने अगले ट्वीट में लिखा- “4 बांग्लादेशी इस्लामिक आतंकियों में 3 पुरुष और 1 महिला थी। हर पुरुष आतंकी को 72 हूरें (72 Virgins). महिलाओं को कुछ नहीं मिलता है। वह भी 72 वर्जिन-जेलमैन (नौकर/दास) की हकदार हैं।”

सेना ने इमारत में फंसे 50 लोगों से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बचाया जबकि अभी भी काफी लोग इमारत में फंसे हैं। जिन्हें बचाने की पूरी कोशिश की जा रही है। आतंकियों द्वारा सोमवार को रुक-रुपकर फायरिंग की जाने की वजह से प्रशासन ने इलाके में बिजली काट दी थी और आसपास की सभी दुकानों को अगले आदेश तक के लिए बंद करने को कहा।

इससे पहले बीते रविवार को आतंकियों ने दो धमाके किए। इन बम धमाकों में 6 लोगों की मौत हो गई जबकि करीब 50 लोग बुरी तरह से घायल हो गए। ये धमाके आतंकियों द्वारा कब्जा जमाए इमारत से 500 मीटर की दूरी पर किए गए। आतंकियों ने पहला धमाका रविवार सुबह भीड़ वाले इलाकों को निशाना बनाते हुए करीब सात बजे किया। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां अभी तक ये पता लगाने में नाकाम रहीं है कि इमारत में छिपे आंतकियों की संख्या कितनी है या उनके पास किस तरह के हथियार हैं। इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ने ली। इन विस्फोटों में रैपिड एक्शन बटालियन (आरएबी) के इंटेलिजेंस प्रमुख भी शामिल हैं।