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ढाका। बांग्लादेश की राजधानी ढाका का वो वीआईपी इलाका। जो एक डिप्लोमैटिक जोन भी है। दिन शुक्रवार था और रात के करीब नौ बज रहे थे। मशहूर आर्टिजन बेकरी कैफे में रोज की तरह आज भी चहल पहल थी, तमाम विदेशी डिनर करने में जुटे थे। अचानक एक आवाज आई ” अल्लाह हो अक़बर”। कंधे पर अत्याधुनिक हथियार लटकाए कुछ लोग कैफे में दाखिल हुए। अचानक उठे इस नारे से लोग घबरा गए। किसी को भी कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि आखिरककार ये हो क्या रहा है।

जब अल्लाह हो अकबर के नारे लगाते हुए कंधे पर अत्याधुनिक हथियार लादे वो कोई और नहीं, इस्लामिक स्टेट यानि आईएसआईएस के आतंकी थे। आतंकियों ने कैफे का शटर गिराकर सबको बंधक बना लिया। फिर सबसे उनका धर्म पूछने लगे। लोग उन्हें धोखा ना दे सकें, जिसके लिए वो उनसे कुरान की आयतें पूछने लगे। उन्होंने सभी बंधकों से कहा, जो कुरान की दो से तीन आयतें बता देगा तो रमजान के इस महीने में उसकी जान बख्श दी जाएगी। बाकी को सजा-ए-मौत मुकर्रर होगी।

आतंकियों का सिलसिला शुरू हुआ।  बंधक बने कई बांग्लादेशी मुसलमान एक-दो कुरान की आयतें सुनाकर बच गए, लेकिन दूसरे धर्म के बेचारे विदेशी क्या करें। जब बारी यूपी की बेटी तरुषी जैन की आई तो उसने ना में अपना सिर हिला दिया। तरुषी कहां से कुरान की आयत बोलती, वह तो ठहरी जैन धर्मावलंबी। बस फिर क्या था कि पत्थर दिल आतंकियों ने यूपी की इस 19 साल की होनहार बेटी का गला धारदार हथियार से रेत दिया। यही सजा आतंकियों ने 19 अन्य विदेशियों को दी। जो कुरान की आयतें सुना नहीं पाए। जी हां कुछ ऐसा ही खूनी खेल अल्लाह के बंदों ने उस रात ढाका के रेस्टोरेंट में खेला। वो भी रमजान के पाक महीने में।

बच निकले बंधक के पिता ने किया खुलासा
डॉन अखबार से बातचीत में ढाका हमले के चश्मदीद के पिता कुरान की आयत की फरमाश का खुलासा किया है। दरअसल जब आतंकी रेस्टोरेंट को कब्जा किए तब हसनात करीब पत्नी व बच्चों के साथ एक बर्थडे पार्टी में शामिल हो रहे थे। उनके पिता रिजाउल करीम ने बताया कि आतंकियों ने बंधकों से कम से कम एक कुरान की आयत सुनाने को कही सो बेटे ने सुना दिया। जिससे तत्काल जान जाते-जाते बची। बाद में सेना के रेस्क्यू में बेटा हसनात आतंकियो के कब्जे से मुक्त हुआ। रियाजुल ने यह भी बताया कि इस्लामिक स्टेट आतंकी अल्लाह हो अकबर के नारे के साथ रेस्टोरेंट में घुसे थे।

फिरोजाबाद की तरुषी कर रही थी अमेरिका में पढ़ाई
तरुषी के पिता संजीव जैन मूलतः यूपी के फिरोजाबाद स्थित सुहागनगर के रहने वाले हैं। वे ढाका में कपड़ा व्यवसाई हैं । तरुषी अमेरिका की कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के बर्कले कॉलेज से इकॉनामिक्स में ग्रेजुएशन कर रही थी। इस बीच छुट्टी होने पर वह ढाका पिता के पास आई थी। जिस दिन घटना हुई वह ढाका के होली आर्टिजन बेकरी रेस्टोरेंट में डिनर करने गई थी। यह रेस्टोरेंट ढाका के डिप्लोमैटिक एरिया में आता है।

बांग्लादेश के विकास पर रिसर्च कर रही थी तरुषी
तरुषी अमेरिका में अर्थशास्त्र की पढ़ाई के साथ बांग्लादेश में कामर्सियल ग्रोथ पर रिसर्च भी कर रही थी। उसे हाल में ईस्टर्न बैंक लिमिटेड ने इंटर्नशिप प्रोग्राम के तहत ईबीएल कॉमर्स ग्रोथ अपारचुनिटी इन बांग्लादेश टॉपिक पर रिसर्च सौंपा था। जिसकी वजह से भी तरुशी का अक्सर अमेरिका से ढाका में पिता के पास आना-जाता होता था।

सुषमा स्वराज ने परिवार से जताया शोक
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने घटना पर बेहद अफसोस जताया है। उन्होंने ट्वीट कर ढाका आतंकी हमले में मारे गए 20 विदेशियों में एकमात्र भारतीय तरुषी की हत्या पर परिजनों को सांत्वना दिया है। ट्वीट में लिखा है कि यह बताते हुए बेहद दुख हो रहा है कि भारतीय बेटी को आतंकियों ने मार डाला।

आतंकियों ने हमले के लिए इस रेस्टोरेंट को क्यों चुना?
बांग्लादेश की राजधानी ढाका के वीआईपी डिप्लोमैटिक जोन में आता है गुलशन रोड। इसके पास स्थित होली आर्टिजन बेकरी नामक रेस्टोरेंट बहुत मशहूर है। जहां अक्सर विदेशी लोग लंच या डिनर के लिए आते रहते हैं। इनमें डिप्लोमेट्स की तादाद ज्यादा होती है। यही वजह है कि आतंकियों ने बड़े डिप्लोमैट्स को अगवा कर अपनी मांगें मननाने के चक्कर में इस रेस्टोरेंट पर हमला किया। शुक्रवार की रात आतंकियों की ओर से विदेशी नागरिकों को बंधक बनाने के बाद शनिवार सुबह से बांग्लादेशी सेना ने आपरेशन शुरू किया। इस दौरान जहां आतंकियों ने 20 बंधकों का कत्ल कर दिया।36 से ज्यादा घायल हुए। वहीं सेना की कार्रवाई में छह आतंकी मारे गए। एक भागने में सफल रहा।

भगवान इन सभी की आत्मा को शांति प्रदान करे|

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