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सफाई कर्मचारी की 15 साल की बेटी ने Phd की छात्रा बन मनवाया अपनी प्रतिभा का लोहा
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indiatimes

बचपन! ज़िंदगी के सफ़र का वह पड़ाव जहां बड़े-बड़े सपने होते हैं और उन सपनो से भी बड़ी भोली-भाली बातें। न आज की परवाह, न कल की चिंता। न दुख की खबर, न सुख की कोई परवाह। जहां गुड्डे-गुडिए हमे रिझातें हैं। वहीं, जहां हम ज़िंदगी को रोज़ नए खेल सिखाते हैं। सोचिए जिस उम्र में बच्चों को खेलने से फुर्सत नहीं मिलती, उस उम्र में कोई बच्चा अलग ही मुकाम हासिल कर जाए, तो यह बात हमें जरूर अचंभित करती है। पर यही उपलब्धि हमे प्रेरित भी करती है।

आपका यह जानकर हर्ष होगा कि एक सफाई कर्मचारी की 15 साल की बेटी सुषमा ने देश की सबसे कम उम्र की पीएचडी की छात्रा बनने का खिताब अपने नाम किया है।

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