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इन दिनों सोशल मीडिया और खबरों में एचआर मिनिस्टर स्मृति ईरानी छायी हुई हैं और इसकी वजह है जेएनयू को लेकर दिए गया बयान, जिसमें उन्होनें हिन्दुओं की देवी और दानव महिषासुर को लेकर जेएनयू में जो बताया जाता है, और कार्यक्रम किए जाते हैं उनकी आलोचना की हैं। उन्होंने कहा की यहां देवी को नहीं दानव को पूजा जाता हैं। दुर्गा और महिषासुर को लेकर गलत कहानी बताई जाती है।…अब क्या गलत है और क्या सही ये तो हम नहीं जानते लेकिन पौराणिक मान्यताओं में दुर्गा और महिषासुर की क्या कहानी है वो हम आपके जरूर बता सकते हैं। देवी भागवत-पुराण के अनुसार भगवती तथा महिषासुर की कहानी कुछ यों है।

bतीनों लोकों में आतंक मचाने वाले महिषासुर नाम के दैत्य का जन्म असुरराज रम्भ और एक महिष (भैंस) त्रिहायिणी के संग से हुआ था। रम्भ को जल में रहने वाली महिष से प्रेम हो गया। उनके संयोग से उत्पन्न होने के कारण महिषासुर अपनी इच्छा के अनुसार कभी मनुष्य तो कभी भैंस का रूप ले सकता था ।

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