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धूम्रपान से हो सकता है इम्फीसेमा...

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फेफड़ें में लंबे समय तक सूजन रहता हो, लगातार बलगम वाली खांसी आती हो तो जांच कराएं, यह इम्फीसेमा रोग का लक्षण भी हो सकता है।

इस बीमारी का प्रमुख कारण धूम्रमान माना जाता है। भारत के एक तिहाई लोग तंबाकू उत्पादों का सेवन करते हैं। शहरी क्षेत्रों में सिगरेट और चबाने वाला तंबाकू आम बात है तो ग्रामीण क्षेत्रों में बीड़ी, हुक्का और चिलम काफी मात्रा में प्रयोग की जाती है।

जो लोग धूम्रपान या तंबाकू का सेवन नहीं भी करते हैं, उनमें भी यह बीमारी पाई जाती है। उनके मामले में अल्फा 1 एंटीट्राइस्पिन नामक प्रोटीन की कमी की वजह से एम्फीसेमा हो सकता है। इसके अलावा फेफड़ों को नुकसान पहुंचाने वाली गैसों के संपर्क में आना, वायु प्रदूषण से सांस पर पड़ने वाले बुरे प्रभाव और उचित हवादार माहौल न होना फेफड़ों की सेहत पर असर डाल सकते हैं।

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