केंद्रीय सचिव ने अन्य वरिष्ठ अधिकारी के साथ मिलकर गांव वालों को दी ‘ऐसी सीख’ जिसके बाद दुनिया कर रही है सलाम…

केंद्रीय स्वच्छता सचिव ने दूसरे अधिकारियों के साथ मिलकर की शौचालय के गड्ढों की सफाई

बीते दिनों दक्षिण भारत के नए राज्य तेलंगाना के वारंगल के एक गाँव में स्वच्छ भारत मिशन के तहत अनोखी पहल की गईl जिसमे केन्द्रीय सचिव समेत कुल 23 राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों ने दो गड्ढों से बनने वाले शौचालय (टि्वन पिट ट्वायलेट) की खुद सफाई करके गाँव की जनता को यह संदेश देने का प्रयास किया कि नई तकनीक के शौचालय कितने सुविधाजनक हैं, और इन्हें साफ करने को लेकर जो संकोच लोगों में रहता है, वह भी दूर हो सकता हैl

इस अनोखी पहल के चलते ही तेलंगाना के गंगादेवीपल्ली गाँव में वरिष्ठ IAS और केंद्रीय सचिव स्वच्छता मिशन परमेश्वरन अय्यर ने खुद शौचालय के गड्ढों को साफ कर इस मिशन की शुरुआत कीl बता दें कि गंगादेवीपल्ली गाँव में केंद्रीय सचिव परमेश्वरन अय्यर ने एक घर के शौचालय के गड्ढों (पिट) की सफाई खुद कीl इसका मकसद लोगों में शौचालय के गड्ढों की सफाई को लेकर भ्रांतियों को दूर करना और उन्हें इनके दोबारा इस्तेमाल के लिए जागरुक करना था कि गाँवों में बनाए जाने वाले शौचालयों के भर जाने पर अपशिष्ट को निकालकर दोबारा उसका इस्तेमाल कैसे कर सकते हैंl

समारोह के बाद अय्यर ने ट्वीट किया कि शौचालय के गड्ढों की सफाई पूरी तरह सुरक्षित हैl इस दौरान ग्रामीणों और मिशन से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों को बताया गया कि लोगों को इस बारे में जागरुक करने की आवश्यकता है कि शौचालय के गड्ढों की सफाई कर उन्हें दोबारा इस्तेमाल किया जाएl शौचालय में दो गड्ढों की तकनीकि का मकसद ही है कि जब एक पिट भर जाए तो दूसरे का इस्तेमाल करें और पहले वाले को साफ कर पुन: इस्तेमाल लायक बनाएंl

इस्तेमाल न होने पर लगभग छह महीने में प्रयोग में नहीं लाए जा रहे गड्ढे का अपशिष्ट खाद में तब्दील हो जाता है, जिसका इस्तेमाल खाद के रूप में खेतों में किया जा सकता हैl इसी तरह बारी-बारी से दोनों गड्ढों का इस्तेमाल किया जाना चाहिएl ये चक्र लगातार चलता रहना चाहिए, इससे एक ही शौचालय और वो दोनों गड्ढे कई वर्षों तक इस्तेमाल किए जा सकेंगेl

केंद्रीय स्वच्छता सचिव परमेश्वरन अय्यर व अन्य सभी वरिष्ठ अधिकारियों का यहधारण अंदाज़ वाकई काबिले तारीफ़ हैंl