ब्लॉग- अटल बिहारी वाजपेयी के रास्ते पर चलने को तैयार है मोदी सरकार….

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हिज्बुल मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद जैसे ही कश्मीर में अशान्ति का माहौल विशाल रूप लेने लगा, गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने तुरंत ही जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से बात की और केन्द्र की ओर से पूरी मदद का आश्वासन भी दिया।

rajnath modi

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हालांकि इसको कई लोग सामान्य मानते हैं, लेकिन जो बात हट कर थी, वह यह थी कि राजनाथ ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को भी फोन कर स्थिति से अवगत कराया।

बाद मे विपक्षी नेता सोनिया गांधी ने राज्य में 30 लोगों की जान जाने पर चिंता जताई, लेकिन उन्होंने अपने बयान में यह भी कहा कि देश आतंकवाद का सामना मजबूती से करेगा। उमर अब्दुल्ला, जो जम्मू-कश्मीर में नेता प्रतिपक्ष भी हैं, उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि उनकी पार्टी, नैशनल कॉन्फ्रेंस कोई भी भूमिका निभाने को तैयार है जिससे कश्मीर की स्थिति सामान्य हो सके। अब्दुल्ला ने यह भी कहा कि सुरक्षा बलों को अत्यंत धैर्य के साथ काम करना चाहिए, लेकिन आखिर में शांति का संदेश ही प्रबल रहा।

भाजपा की इस कवायद का नतीजा यह रहा कि जम्मू-कश्मीर के एक और पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद दोनों ने कहा कि सारे राजनीतिक दल आतंकवाद के मुद्दे पर एकमत हैं। सूचना एवं प्रसारण मंत्री वेंकैया नायडू ने इन नेताओं के वक्तव्य की खुले आम सराहना भी की। आखिर कश्मीर पर दुनिया की नजर रहती है और ऐसे में अगर राजनीतिक दल अलग अलग बयान देते तो उससे सरकार की छवि पर असर पड़ता।

विपक्ष, खासकर कांग्रेस की ओर हाथ बढ़ा कर मोदी सरकार संसद के मॉनसून सत्र के पहले अच्छा माहौल बनाने का प्रयास कर रही है। यह सत्र जुलाई 18 से 12 अगस्त तक चलेगा और भाजपा चाहती है कि इसमें बहुप्रतीक्षित गुड्स एवं सर्विसेज़ टैक्स (जीऐसटी) बिल पास हो जाए। इस बिल का सबसे ज्यादा विरोध कांग्रेस कर रही है और भाजपा के फ्लोर मैनेजर अभी से ही उनको मनाने में जुट गए हैं। इस बार स्थिति ऐसी है कि भाजपा अपने दम पर भी यह बिल पास कराने में सक्षम लग रही है। भाजपा की अगुवाई में एनडीए के 72 सदस्य हैं, इनके अलावा वह सपा, बसपा, जदयू, बीजेडी और तृणमूल कांग्रेस जैसे क्षेत्रीय दलों को अपने पक्ष में पहले ही कर चुकी है। राज्यसभा में बिल पास कराने के लिए भाजपा को कुल 245 में से 163 वोट चाहिए। अगर तमिलनाडु की एआईएडीएमके (अन्ना द्रमुक) मतदान में भाग नहीं लेती है, तो भाजपा इस जादुई आंकड़े तक पहुंच सकती है। modi3इसके बावजूद भाजपा चाहती है कि कांग्रेस अपना अड़ियल रुख बदले और जीएसटी बिल को प्रचंड बहुमत से पास कराने में मदद करे।

केवल बहुमत के दम पर चलने वाली भाजपा का बातचीत का दृष्टिकोण अपनाना यह दर्शाता है कि पार्टी पहले की तरह अटल बिहारी वाजपेयी के रास्ते पर चलने को तैयार है। राष्ट्र से जुड़े हर महत्वपूर्ण फैसला लेने के पहले अटल जी हमेशा विपक्ष को विश्वास में लिया करते थे, जिसका जीता जागता उदाहरण 1998 मे पोखरण परमाणु टेस्ट करना शामिल है। राजनाथ सिंह का विपक्ष को फोन करना इस बात का प्रतीक है कि भाजपा की सोच सकारात्मक है और वह एक राजनीतिक दल के रूप में उनका विकास हो रहा है।

डिसक्लेमर : ऊपर व्यक्त विचार लेखक के अपने हैं…..
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संजीव सिंह
पत्रकारिता में एक दशक से भी ज्यादा का अनुभव रखने वाले संजीव सिंह कई न्यूज़ चैनल्स में बतौर फील्ड रिपोर्टर काम कर चुके हैं। राजनीति और खेल के अलावा वह ‘देसी’ चीजों में सबसे अधिक रुचि रखते हैं।
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