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कोलकाता – भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने पश्चिम बंगाल के मिदनापुर जिले में स्‍कूल बनाने के लिए 76 लाख रुपये एमपी लैड फंड से दिए हैं। स्‍कूल बनाने के लिए स्‍टाफ ने सचिन को चिट्ठी लिखकर उनसे मदद मांगी थी।

सचिन तेंदुलकर ने पश्चिम बंगाल के मिदनापुर जिले में स्‍कूल बनाने के लिए 76 लाख रुपये दिए हैं। सचिन राज्‍य सभा सांसद है और उन्‍होंने सांसद विकास निधि से यह रकम जारी की है। स्‍कूल बनाने के लिए स्‍टाफ ने सचिन को चिट्ठी लिखी थी। इसके बाद सचिन ने राशि जारी करा दी जो कि स्‍कूल को पिछले साल मिली। निर्माण के तहत लाइब्रेरी, लेबोरेट्री और लड़कियों के लिए साझा कमरा लगभग तैयार हो चुका है। स्‍वर्णमयी शिक्षा निकेतन के हैडमास्‍टर उत्‍तमकुमार मोहंती ने बताया कि उनके पास सचिन का आभार जताने के लिए शब्‍द नहीं है।

स्‍कूल अब मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी को और फंड के लिए खत लिखने पर विचार कर रहा है। वहीं स्कूल ने कहा है कि स्कूल निर्माण के बाद उद्घाटन के लिए सचिन तेंदुलकर को बुलाया जाएगा। आपको बता दें कि सचिन तेंदुलकर राज्‍य सभा के मनोनीत सांसद हैं। जिन्होंने 2012 में राज्‍य सभा की शपथ ली थी।

इस स्‍कूल में 900 के करीब बच्‍चे हैं। बताया जाता है कि स्‍कूल ने स्‍थानीय सांसद प्रबोध पांडा से भी मदद मांगी थी लेकिन उन्‍हें निराशा मिली। इसके बाद उन्‍हें सांसद विकास निधि के बारे में जानकारी मिली। राज्यसभा का मनोनीत सदस्य होने के कारण सचिन देश के किसी भी भाग के लिए अपने कोटे से एमपी लैड का पैसा खर्च कर सकते हैं। 2014 की शुरुआत में उन्‍होंने सचिन को लाइब्ररी, लेबोरेट्री और लड़कियों के कमरे के लिए पत्र लिखा। छह महीने बाद उन्‍हें सचिन की ओर से जवाब आया जिसमें बताया गया कि धनराशि जारी कर दी गई है।

गौरतलब है कि सचिन तेंदुलकर राज्‍य सभा के मनोनीत सांसद हैं। लेकिन संसद के ऊपरी सदन से उनकी गैरमौजदूगी के चलते वे निशाने पर रहते हैं। पिछले साल दिसंबर में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार 10 मनोनीत राज्‍य सभा सांसदों में से सचिन का प्रदर्शन सबसे खराब था। 2012 में राज्‍य सभा की शपथ लेने के बाद से उनकी उपस्थिति महज 6 प्रतिशत रही है।

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