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जयपुर। केन्द्र में मोदी सरकार के दो साल बाद भी देश में क्या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) अवांछित संगठन है? यह सवाल यक्ष प्रश्न की तरह देश के युवाओं के सामने खड़ा है। भारतीय जनता पार्टी भले ही आरएसएस को राष्ट्रवादी संगठन कहे, लेकिन स्वयं केन्द्र सरकार की नौकरी में आरएसएस से जुडे़ युवाओं को कोई जगह नहीं है, लेकिन ऐसा सेवा नियमों में कहीं भी उल्लेखित नहीं है।

…तो देनी होगी लिखित घोषणा

आरएसएस से जुड़े युवकों को नौकरी नहीं मिलने के बारे में जब केन्द्र व राज्य सरकार के सेवा नियमों को खंगाला तो सामने आया कि दोनों ही जगह कर्मचारियों के राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेने पर पाबंदी है। इसके बावजूद कस्टम विभाग के हाल में निरीक्षक पद पर चयनित अभ्यर्थी से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ या अन्य वांछित संगठन का सदस्य नहीं होने की लिखित घोषणा मांगने का मामला सामने आया है। गोवा कस्टम आयुक्त कार्यालय की ओर से अभ्यर्थी को सूचित किया है कि लिखित घोषणा देने पर नियुक्ति प्रभावी मानी जाएगी। कुछ अन्य केन्द्रीय सेवाओं में भी ऐसी लिखित घोषणा लेने की जानकारी मिली है।

राजस्थान में यह प्रावधान……. 

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