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चीन की मॉनोपोली तोड़ेगा बाड़मेर : 745 वर्ष पुरानी मालानी रॉक्स और सिवाना रिंग कॉम्पलैक्स में मिला रेअर अर्थ का बड़ा खजाना, करीब 7 मिलियन टन के भण्डार होने का प्रमाण! 15 प्रकार के खनिज का पूरा ग्रुप, 900 अरब से ज्यादा का है खजाना!

बाड़मेर – तेल और कोयले के बूते देश की खनिज की आर्थिक राजधानी बन रहे बाड़मेर जिले में एक बड़े खजाने के संकेत मिले हैं। भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग ने यहां रेअर अर्थ (दुर्लभ खनिज ) का बड़ा खजाना होने के प्रमाण दिए हैं। यह भारत का पहला टेरिस्टीअल (जमीन पर पाए जाने वाले खनिज) का बड़ा भण्डार है। पूरे विश्व में इसका 97 प्रतिशत निर्यात चीन करता है, जिसकी मॉनोपोली है। तीन प्रतिशत खजाना मलेशिया, अमरीका, आस्टे्रलिया, ब्राजील और भारत में है। बाड़मेर में मिला यह भण्डार न केवल भारत को सक्षम बनाएगा, बल्कि चीन की मॉनोपोली भी तोड़ेगा। जानकारों के मुताबिक करीब 900 अरब से भी ज्यादा का रेअर अर्थ यहां मौजूद है।

खजाना यहां होने के प्रमाण – जानकारों के अनुसार बाड़मेर में सिवाना क्षेत्र के कमठाई, दांता, लंगेरा, राखी, फूलन व डण्डाली में यह खजाना है। यहां 745 मिलियन वर्ष पुरानी चट्टानें हैं। सिवाना के चारों तरफ एक गड्ढेनुमा रचना है, जिसमें ग्रेनाइट और रॉयलाइट व एल्केलाइन आग्नेय चट्टानें हैं। इसे सिवाना रिंग्स कॉम्पलैक्स और मालानी रॉक्स के नाम से भी जाना जाता है।

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