अपने जमाने में कई महिलाओं के साथ शारीरिक संबंधों के लिए

34 साल की विक्टोरिया ओकैम्पो और 63 साल के टैगोर के बीच विचारों और ज्ञान का जबरदस्त आदान-प्रदान हुआ. कई भाषाओं की जानकार विक्टोरिया की बुद्धिमत्ता से टैगोर बहुत प्रभावित हुए. टैगोर ने अपनी कविता का एक संग्रह पूरबी विक्टोरिया को समर्पित किया. इस दौरान उन्होंने करीब 30 कविताएं लिखीं। 

कहा जाता है टैगोर के अपने जमाने में कई महिलाओं के साथ रिश्ते थे और इस बारे में दो तरह की बातें की जाती हैं. एक यह कि उनका रिश्ता ‘पवित्र और आध्यात्मिक’ था जबकि दूसरी तरह के लोग शारीरिक संबंधों के होने से इनकार नहीं करते, क्योंकि ऐसे लोग टैगोर को एक आम इंसान ही मानते हैं. टैगोर जब विक्टोरिया से मिले थे वो उस वक्त भी शादीशुदा थे. टैगोर की कविताओं में ‘बिजया’ नाम की महिला का किरदार दरअसल विक्टोरिया ही हैं और उनकी दो दर्जन से अधिक कविताएं विक्टोरिया और उनके आपसी संबंधों पर आधारित हैं।