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marwadika mind

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एक मारवाड़ी मुबंई की बैँक मेँ गया, और बैँक मेनेजर से रु.50,000 का लोन मांगा।
तभी बैँक मेनेजर ने लोन के लिए गेरेँटर मांगा! मारवाड़ी ने अपनी BMW कार दी जो बैँक के सामने पार्क की हुई थी उसको गेरेँटी के तरीके से… जमा (गिरवी रख दिया) करवा दी।

तभी मेनेजर ने गाडी के कागज चैक किए, और लोन देकर गाडी को कस्टडी मेँ खडी करने के लिए कर्मचारी को सुचना दी! मारवाड़ी 50,000 रुपये लेकर चला गया।
कुछ समय बाद बैँक मेनेजर और कर्मचारी उस मारवाड़ी पर हँसने लगे और बात करने लगे कि यह करोडपति होते हुए भी अपनी गाडी सिर्फ 50,000 मेँ गिरवी रख कर चला गया। कितना बेवकुफ आदमी है।

उसके बाद 2 महीने बाद मारवाड़ी वापस बैँक मे गया और लोन की सभी रकम देकर अपनी गाडी वापस लेने की इच्छा दर्शायी। बैँक मेनेजर ने हिसाब-किताब किया और बोला : 50,000 मुल रकम के साथ 1250 रुपये ब्याज।

मारवाड़ी ने पुरे पैसे दे दिए। बैँक मेनेजर से पूछे बिना रहा नही गया और उसने पुछा कि आप इतने करोडपति होते हुए भी आपको 50,000 रुपयो कि जरुरत कैसे पडी.?
मारवाड़ी ने जवाब दिया : मैँ राजस्थान से आया था। मैँ अमेरिका जा रहा था। मुबंई से मेरी फ्लाइट थी। मुबंई मेँ मेरी गाडी कहाँ पार्क करनी है यह मेरी सबसे बडी प्रोबलम थी! लेकिन इस प्रोबलम को आपने हल कर दिया। मेरी गाडी को भी सेफ कस्टडी मेँ दो महीने तक संभाल के रखा और 50,000 रुपये खर्च करने के लिए भी दिए ये दोनो काम करने का चार्ज लगा सिर्फ 1250 रुपये।
आपका बहुत बहुत धन्यवाद.!

❤ मारवाडी तो मारवाडी ही होते है। अपने दिमाग के लिए इसलिए ही विश्व में चर्चित नहीं है! ❤

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