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पटना के गांधी मैदान में मोदी की हूंकार रैली के दौरान हुए बम ब्लास्ट में एक घायल को अस्पताल लेकर जाती पुलिस और पटना के तत्कालीन एसएसपी मनु महाराज (फाइल फोटो) । इनसेट में जाकिर नाइक।
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पटना के गांधी मैदान में मोदी की हूंकार रैली के दौरान हुए बम ब्लास्ट में एक घायल को अस्पताल लेकर जाती पुलिस और पटना के तत्कालीन एसएसपी मनु महाराज (फाइल फोटो) । इनसेट में जाकिर नाइक।

बिहार व झारखंड में पकड़े गए कई आतंकियों के पास से जाकिर के भड़काऊ भाषणों वाले सीडी, पुस्तकें बरामद हुई थीं।
अलकायदा, सिमी, आईएम और आईएसआईएस संगठन में शामिल ज्यादातर आतंकियों के जाकिर नाईक के पुस्तक और तकरीर के प्रेरित होने की जानकारी खुफिया तंत्र के पास ।

 

पटना। ढाका में आतंकी हमले के बाद चर्चा में आया इस्लाम पर तकरीर करने वाला जाकिर नाईक के तार अब बिहार-झारखंड में हुए धमाकों में भी जुड़ रहा है। मोदी की पटना में हूंकार रैली के दौरान हुए धमाकों तथा गया में हुए धमाकों के तार भी जाकिर नाइक से जुड़ने लगे हैं। जो सूचनाएं आ रहीं हैं उससे पता चलता है कि जाकिर अपने तकरीर से आतंकियों की पौध तैयार करने में प्रेरक की भूमिका निभाता था।  बांग्लादेश में धमाके पर पकड़े गए एकमात्र जिन्दा आतंकवादी के पास से जाकिर नाईक के भड़काऊ भाषण वाले वीडियो मिले हैं।

बिहार के संबंध में देखें तो इंडियन मुजाहिद्दीन के आतंकी यासीन भटकल के कार्य क्षेत्र बिहार के किशनगंज में जाकिर नाईक 2012 के अप्रैल में दौरा किया था जिसमें करीब 10 लाख लोग मौजूद थे। बिहार-झारखण्ड में हुए आतंकी हमलों के तार भी जाकिर नायक से जुड़े हैं। अलकायदा, सिमी, आईएम और आईएसआईएस संगठन में शामिल ज्यादातर आतंकी जाकिर नाईक के पुस्तक और तकरीर के प्रेरित होने की जानकारी खुफिया तंत्र के पास है।

पटना के गांधी मैदान में गांधी मैदान में हुंकार रैली के दौरान बम धमाका और गया धमाके में आईएम और सिमी की भूमिका उजागर हुई थी। हमले के आरोप में पकड़े गये इम्तियाज, हैदर और मुजीब नाम के आतंकी के पास से भी जाकिर नाईक की पुस्तकें और वीडियो बरामद किये गये थे। एनआईए के चार्जशीट और सीजर में जाकिर नाईक के भूमिका की भी चर्चा है।

जाकिर की जेहादी पुस्तकें और वीडियो आतंकियों के बीच बेहद लोकप्रिय है। भटकल की गिरफ्तारी से पहले तक दरभंगा के बाढ सनैला गांव में आतंकियों को प्रशिक्षण और भर्ती करने का काम किया जाता था। वहां के एक लाइब्रेरी में जाकिर के बहुत-सी पुस्तकें पाई गई थी।

यह विडंम्बना ही है कि जो जाकिर नाईक आतंकियो की खेप तैयार करने में मदद करता था वही, हैदराबाद स्थित आईपीएस ट्रेनिंग सेन्टर में लेक्चर देने का काम भी करता था।

उल्लेखनीय है कि मुंबई एटीएस के पूर्व चीफ ने भी खुलासा किया है कि 2006 मुंबई ब्लास्ट मामले में सुरक्षा एजेंसियों ने जाकिर को अपने राडार पर लिया था।

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