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नई दिल्ली। हजार जख्म से मौत देने की पाकिस्तान की रणनीति, जनरल जिया उल हक ने अपने कार्यकाल में शुरू की थी। पाकिस्तान ने आतंकी भेजने शुरू किए, उनके पकड़े जाने या मारे जाने ही सूरत में पाकिस्तान कह देता है कि वो हमारे नागरिक नहीं है, या वो नॉन स्टेट एक्टर्स हैं यानी सरकारी लोग नहीं है।pakistan2

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ज्यादा दबाव पड़ता है तो पाकिस्तान जांच और मुकद्दमे का नाटक शुरू हो जाता है, लेकिन सवाल है कब तक? रक्षा मंत्री ने कहा है कि वक्त आ गया है जब दर्द का बदला दर्द देकर लिया जाए। लेकिन, सवाल है कैसे? इजरायल से लेकर अमेरिका तक आज खोजेंगे यही जवाब कैसे रोएगा पाकिस्तान?

भारत के सब्र का पैमाना अब छलकने वाला है। मसूद अजहर, हाफिज सईद और दाऊद से लेकर अब कोई नहीं बचेगा। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के मुताबिक अगर कोई हमारे देश को नुकसान पहुंचा रहा है, तो उसे भी वैसी ही भाषा में बताना होगा। उसे भी दर्द होना चाहिए।

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