PoK से भारत आए हर हिंदू शरणार्थी को 5.5 लाख रुपये देगी मोदी सरकार

बंटवारें के बाद भारत आए थे।

नई दिल्ली (यूनाइटेड हिन्दी) : पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से भारत आये हुये सभी हिंदू (सनातनी) शरणार्थियों को बीजेपी की केंद्र सरकार 5.5 लाख की आर्थिक मदद देगी। गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने न्यूज़ स्टेट 29 न्यूज़ को बताया कि केंद्र सरकार ने पीओके से भारत आर 36,000 हिंदू शरणार्थियों के लिए 2000 करोड़ का बजट पास किया है। अधिकारी ने बताया कि यह पैसा सीधे इन शरणार्थियों के बैंक खाते में डाला जाएगा।

अंग्रेजी अखबार द हिंदू में छपी खबर के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते साल इस राहत पैकेज की घोषणा भी की थी, जिसे कैबिनेट द्वारा दिसंबर माह में  पास किया गया। ये शरणार्थी 1947, 1965 और 1971 के समय भारत में आए थे।

कश्मीर घाटी में इन दिनों वेस्ट पाकिस्तान से जम्मू-कश्मीर आए 19,000 शरणार्थियों को नागरिकता मिलने के बाद हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। इन शरणार्थियों में से ज्यादातर हिंदू (सनातनी) हैं, जो बंटवारें के बाद भारत आए थे। इन शरणार्थियों को आज तक कश्मीर में मतदान करने का अधिकार नहीं मिला है।

गृह मंत्रालय के अधिकारी ने न्यूज़ स्टेट 29 न्यूज़ को बताया, ‘केंद्र सरकार की तरफ से प्रत्येक पीओके शरणार्थी के बैंक खाते में 5.5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता भेजी जाएगी।’

जानिए इस्लाम में हलाल से हलाला तक का सफर, देखिये कैसे मौलवी बहु, बेटियों से मजे करते हैं !

इस्लामी पारिभाषिक शब्दों में “हलाल और “हलाला ” यह ऐसे दो शब्द हैं, जिनका कुरान और हदीसों में कई जगह प्रयोग किया गया है। दिखने में यह दौनों शब्द एक जैसे लगते हैं। यह बात तो सभी जानते हैं कि, जब मुसलमान किसी जानवर के गले पर अल्लाह के नाम पर छुरी चलाकर मार डालते हैं, तो इसे हलाल करना कहते हैं। हलाल का अर्थ “अवर्जित ” होता है।

लेकिन हलाला के बारे में बहुत कम लोग ही जानते हैं। क्योंकि इस शब्द का सम्बन्ध मुसलमानों के वैवाहिक जीवन और कुरान के महिला विरोधी कानून से है। क्योंकि कुरान में अल्लाह के बनाये हुए इस जंगली, और मूर्खता पूर्ण कानून की आड़ में मुल्ले, मौलवी और मुफ्ती खुल कर अय्याशी करते हैं।

इस बात को ठीक से समझने के लिए अल्लाह की औरतों के प्रति घोर नफ़रत, और मुसलमानों की पारिवारिक स्थितियों के बारे में जानना बहुत जरूरी है। मुसलमानों में दो-दो , तीन-तीन औरतें रखना साधारण सी बात है। और फिर ज़्यादातर मुसलमान अपनी ही बहनों से भी शादियाँ कर लेते हैं। और अक्सर संयुक्त परिवार में रहना पसंद करते हैं। इसलिए पति पत्नी में झगड़े होते रहते हैं। और कभी पति गुस्से में पत्नी को तलाक भी दे देता है। चूंकि अल्लाह की नजर में औरतें पैदायशी अपराधी होती है, इसलए कुरान में पति की जगह पत्नी को ही सजा देने का नियम है। यद्यपि तलाक देने के कई कारण और तरीके हो सकते हैं, लेकिन सजा सिर्फ औरत को ही मिलती है। इसे विस्तार से प्रमाण सहित बताया गया है। जो कुरान और हदीसों पर आधारित है।

अगले पृष्ठ पर पढ़िये : कुरान और हदीसों पर आधारित

क्या है पंचाग, जानें किस अंग्रेजी माह के साथ होता है कौन सा हिंदू महीना

panchang
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हिंदू पंचांग हिंदू धर्म के लोगों द्वारा माना जाने वाला कैलेंडर है। पंचांग का अर्थ है, पांच अंग। ये पांच अंग हैं, तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। इसकी गणना के आधार पर हिंदू पंचांग की तीन धराए हैं- पहली चंद्र आधारित, दूसरी नक्षत्र आधारित और तीसरी सूर्य आधारित कैलेंडर पद्धति।

 

अलग-अलग रूप में यह पूरे भारत में माना जाता है। एक साल में 12 महीने होते हैं। हर महीने में 15 दिन के दो पक्ष होते हैं- शुक्ल और कृष्ण। 12 मास का एक वर्ष और 7 दिन का एक सप्ताह रखने का प्रचलन विक्रम संवत से शुरू हुआ।

आगे पढ़ें- हिंदू महीनों से जुड़ी कुछ और रोचक बातें…

इस रानी को बिना देखे ही अकबर दे बैठे थे अपना दिल, ये हुआ था प्यार का हश्र

Real Story Of Rani Roopmati And King Akbar
Real Story Of Rani Roopmati And King Akbar

इंदौर : मध्यप्रदेश  में पर्यटकों की मनपसंद जगहों में से एक है मांडू । यहाँ 2016 को अलविदा कहने और नए वर्ष का स्वागत करने लाखों की संख्या में लोग पहुंचे। पर्यटकों ने यहां रानी रूपमती महल, जहाज महल, बाज-बहादुर का महल सहित अन्य स्मारकों को निहारा।

पर्यटकों की पसंदीदा जगहों में से एक मांडू से जुड़ा एक ऐसा इतिहास unitedhindi.com आपको बता रहा है, जो रानी रूपमती और बाज-बहादुर की प्रेम कहानी को अमर बनाता है। जब भी प्रेम कथाओं का जिक्र होता है तो रानी रूपमती और बाज बहादुर की प्रेम कहानी उसमें जरूर शामिल होती है। विंध्याचल की पहाड़ियों पर बसा मांडू इन दोनों की प्रेम कहानी का साक्षी है, लेकिन इनके प्रेम को शहंशाह अकबर की नजर लग गई और कहानी का दुखद अंत हुआ।

आगे पढ़ें : अकबर की अधूरी प्रेम कहानी…

सबसे पहले इन्होंने किया था मृत्युंजय मंत्र का जप, जानें इतिहास के अनोखे बच्चों के बारे में

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कहते हैं बच्चे साक्षात ईश्वर का स्वरूप होते हैं, क्योंकि उनके मन में किसी के लिए भी बुरे विचार नहीं होते। उनका मन एकदम साफ होता है। वो जो भी कहते हैं या करते हैं सच्चे मन से करते हैं। किसी बच्चे को खुशी देकर हम ईश्वर को प्रसन्न कर सकते हैं।

हमारे धर्म ग्रंथों में ऐसे अनेक बच्चों के बारे में बताया गया है जिन्होंने कम उम्र में ही कुछ ऐसे काम किए, जिन्हें करना किसी के बस में नहीं था, लेकिन अपनी ईमानदारी, निष्ठा व समर्पण के बल पर उन्होंने मुश्किल काम भी बहुत आसानी से कर दिए। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ बच्चों के बारे में ….

मार्कण्डेय ऋषि

धर्म ग्रंथों के अनुसार मार्कण्डेय ऋषि अमर हैं। आठ अमर लोगों में मार्कण्डेय ऋषि का भी नाम आता है। इनके पिता मर्कण्डु ऋषि थे। मर्कण्डु ऋषि को जब कोई संतान नहीं हुई तो उन्होंने सपत्नीक भगवान शिव की आराधना की। तपस्या से प्रकट हुए शिव ने उनसे पूछा कि वे गुणहीन दीर्घायु पुत्र चाहते हैं या गुणवान 16 साल का अल्पायु पुत्र। तब मर्कण्डु ऋषि ने दूसरी बात को चुना, यानी गुणी अल्पायु पुत्र।

बड़ा होने पर मार्कण्डेय को जब यह बात पता चली तो वे शिव भक्ति में लीन हो गए। इस दौरान सप्तऋषियों की सहायता से ब्रह्मदेव से उनको महामृत्युंजय मंत्र की दीक्षा मिली। इस मंत्र का प्रभाव यह हुआ कि जब यमराज उनकी मृत्यु के नियत दिन उन्हें लेने आए तो स्वयं भगवान शिव ने यमराज के वार को बेअसर कर दिया और बालक मार्कण्डेय को दीर्घायु होने का वरदान दिया।

आगे पढ़ें- कुछ और भी कहानियां….

जेल में बंद विदेशी कैदी ने पत्नी के लिए बनाया “ताज महल”, इस्तेमाल की इतनी माचिस की तीलियां

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतिकात्मक तौर पर। (Source: Twitter/@MiltonKeynesKid)
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतिकात्मक तौर पर। (Source: Twitter/@MiltonKeynesKid)

फ्रांस मूल का एल्बर्ट ड्रग्स केस में 2014 से जेल में अपनी सजा काट रहा है। वहीं नए साल के मौके पर उसने अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए लकड़ी का एक ताज महल बनाया है जिसे वह अपनी पत्नी को गिफ्ट करना चाहता है।

उत्तर प्रदेश में फ्रांस मूल का एल्बर्ट पासकल ड्रग केस में अपनी सजा काट रहा है। वह 2014 से ही जेल में है। इसी दौरान नए साल के मौके पर एल्बर्ट ने अपनी कला का प्रदर्शन किया है जो काफी वायरल हो रही है। एल्बर्ट ने लकड़ी का ताज महल बनाया है जिसे जिला पुलिस ने भी शोकेस में सजा रखा है। ताज महल माचिल की तीलियों से बनाया गया है। एक खबर के मुताबिक इसे बनाने में लगभग 30 हजार माचिस की तीलियों और दो किलो फेवीकॉल का इस्तेमाल किया गया था। एल्बर्ट ने यह ताज महल 3 महीने में बनायाा है।

एल्बर्ट ने यह ताज महल अपनी पत्नी को नए साल के मौके पर तोहफा देने के लिए बनाया है। वह इसे अपनी पत्नी को देना चाहता है। वहीं खबर के मुताबिक जेल प्रशासन उसकी इच्छा पूरी करने की कोशिश कर रहा है। एल्बर्ट का एक दोस्त उससे मिलने के लिए भारत आया था और अब पुलिस उसके हाथों ही ताज महल एल्बर्ट की पत्नी को भेजेगी। टाइम्स ऑफ इंडिया की इस खबर के मुताबिक एल्बर्ट 2014 में भारत-नेपाल बॉर्डर से 3 किलोग्राम चरस के साथ पकड़ा गया था।

पकड़े जाने के बाद 2 दिसंबर 2014 से एनडीपीएस ऐक्ट के तहत गोरखपुर में सजा काट रहा है। एल्बर्ट एचआईवी की बीमारी से भी जूझ रहा है जिसकी दूसरी स्टेज में वह पहुंच चुका है। खबर के मुताबिक जेल प्रशासन ने भी उसके लकड़ी के ताज महल बनाने की इच्छा को पूरा कराने में मदद की। एल्वर्ट को वे सारा सामान दिया गया जिसकी उसे ताज महल बनाने में जरूरत थी।

नए साल की प्राइवेट पार्टी का वीडियो लीक, ये एक्‍टर टल्‍ली होकर मचाया हुड़दंग

सभी सितारे नए साल के आगोश में ऐसा खो जाते हैं।
सभी सितारे नए साल के आगोश में ऐसा खो जाते हैं।

नई दिल्‍ली: कुछ लोगों को नए साल का खुमार ऐसा होता है जो किसी पर भी चढ़े बिना रह नहीं पाता है। यही वजह है कि देश और दुनिया का हर इंसान इस दिन दिल को खोलकर जीता है।

इस मौके पर सभी पुराने साल को भुलाने और नए साल को अपनाने में विश्‍वास रखते हैं। यही वजह है कि सबकुछ भूलकर वे खाते हैं पीते हैं और मौजमस्‍ती करते हैं।

ऐसा ही कुछ हाल हमारी फिल्‍म इंडस्‍ट्री (भाण्ड इंडस्‍ट्री) का भी होता है। सभी सितारे नए साल के आगोश में ऐसा खो जाते हैं कि किसी को कुछ होश ही नहीं रहता है।

देखिये ये विडियो 

नीता अंबानी और विजय माल्‍या MMS हुआ लीक, दांव पर लगी अंबानी खानदान की इज्जत

vijay malya neeta ambani mms viral
vijay malya neeta ambani mms viral

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वायरल विडियो : आज कल दुनिया में कुछ भी छिप नहीं सकता है और सोशल मीडिया एक ऐसी कड़ी है जिससे आप कोई भी चीज तुरंत वायरल कर सकते हैं। इस समय सोशल मीडिया पर नीता अंबानी और विजय माल्या का एक वीडियो वायरल हुआ है। जिसमे वे नीता अंबानी के साथ में रास रचाते हुए नजर आ रहे है। यूट्यूब वीडियो के माध्‍यम से जितना सच फैलाता है उतना झूट भी। यही हाल इस वीडियो का भी है। इस वीडियो में एडिटिंग के माध्‍यम से नीता अंबानी और विजय माल्‍या को रास रचाते और उनका लव एंगल दिखाया गया है। बल्‍कि इस विडीयो की सच्‍चाई यह है कि इसमें अंबानी फैमिली की प्राइवेट पार्टी को दिखाया गया है।

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सोशल मीडिया एक ऐसी कड़ी है जिससे आप कोई भी चीज तुरंत वायरल कर सकते हैं। चाहें वो सच हो या झूठ ही क्‍यों न हो। हालांकि इस वीडियो में एडिटिंग किया गया है। जिसके जरिए से नीता अंबानी और विजय माल्‍या को रास रचाते और उनका लव एंगल दिखाया गया है।

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अंबानी के लिए चित्र परिणाम : दरअसल आपको बता दें कि ये विडीयो अंबानी फैमिली की प्राइवेट पार्टी की है। लेकिन इस वीडियो के सामने जो फोटो लगाया गया है उससे लोग तेजी से भ्रमित हो रहे हैं।

अगले पेज पर देखें वीडियो:

कम्युनिस्ट इंशा अल्लाह क्यों बोलता है, मुझे उम्मीद है ये पोस्ट पढ़कर अब तक आपको समझ में आ गया होगा!

Chennai: Muslim children hug each other during the celebration of 'Eid-ul-Fitr' at a School ground in Chennai August 9, 2013. The Eid al-Fitr festival marks the end of the Islamic holy fasting month of Ramadan. ..Photo by SL Shanth Kumar

ब्लॉग : शरद श्रीवास्तव –  धर्म जनता के लिए अफीम है। ये मार्क्सवाद का मूलभूत सिद्धान्त है। लेकिन ये कभी भी आश्चर्य की बात नहीं रही की एक धर्म हीन कम्युनिस्ट कब कैसे और क्यों एक मुस्लिम कम्युनलिस्ट के साथ खड़ा मिलता है।

साम्प्रदायिकता से लड़ने वाले मुस्लिम सांप्रदायकिता से हाथ मिलाते हमेशा नजर आते हैं। तमाम सेक्युलरिज्म एक धर्म के आगे नतमस्तक नजर आता है।

हकीकत ये है की मार्क्सवाद और मुस्लिम साम्प्रदायिकता एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। दोनों में बहुत सी समानताएं हैं। कॉमन गोल यानी उद्देश्य हैं। इसीलिए दोनों एक दूसरे के पूरक और सहायक हैं।

अब विस्तार से : मुस्लिम धर्म एक किताब कुरान से चलता है। कुरान में जो लिखा है वो बदला नहीं जा सकता उसमे कोई फेरबदल मुमकिन नहीं। मार्क्सवाद या कंम्युनिस्ट मार्क्स की किताब दास कैपिटल को वही दर्जा देते हैं। करीब डेढ़ सौ साल पहले लिखी किताब में कोई फेरबदल मुमकिन नहीं। पूर्णतया वैज्ञानिक लेखन। समस्त सृष्टि कैसे चले इसका पूरा विवरण कुरान और दास कैपिटल में मौजूद है।

यूँ तो बाकी लोगों को किसी विषय पर बात करने के लिए उसे समझना पड़ता है , पढ़ना पड़ता है। मेहनत करनी होती है। लेकिन एक मौलवी साहब और एक मार्क्सवादी साहब दुनिया में किसी भी विषय पर बोल सकते हैं , अपनी बात कह सकते हैं। बल्कि ये भी बता सकते हैं की जनता को उस विषय के बारे में क्या करना चाहिए।

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मौलवी साहब और मार्क्सवादी साहब दोनों लोग ये काम कुरान शरीफ और दास कैपिटल शरीफ की रौशनी में करते हैं। यकीन न हो तो आप किसी भी विषय पर इनकी राय लेकर देख लीजिये , एक फतवा देगा दूसरा जनता को होने वाली तकलीफो के बारे में बताएगा।

अगर आप एक मुस्लिम भाई से इस बारे में चर्चा करना चाहेंगे वो कहेगा की पहले कुरान पढ़कर आओ। यही बात आपसे कम्युनिस्ट भाई भी कहेगा , जाओ पहले मार्क्स को पढ़कर आओ।

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मोहम्मद शमी ने एकबार फिर साबित किर दिया कि वे मुस्लिम कट्टरपंथियों से नहीं डरते

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नई दिल्ली। टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह कट्टरपंथियों से नहीं डरते हैं। शमी ने शनिवार देर रात अपनी पत्नी हसीन जहां के साथ एक और तस्वीर ट्विटर पर शेयर की।

तस्वीर में दोनों काफी खुश नजर आ रहे हैं। शमी ने जैकेट पहनी हुई है और उनकी पत्नी ऑरेंज कलर की एक खूबसूरत बैकलेस ड्रेस में नजर आ रही हैं।’

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शमी ने इस तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा है,’ना साथी है ना हमारा है कोई ना किसी के हम। पर आपको देख कर कह सकते हैं एक प्यारा सा हमसफर है कोई। हैपी न्यू इयर।’ इस फोटो को सैकड़ों लोगों ने लाइक और रिट्वीट किया है।

गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले ही शमी ने अपनी पत्नी और बच्ची के साथ एक फोटो फेसबुक और ट्विटर पर शेयर की थी जिस पर उन्हें धर्म और संस्कृति के  ठेकेदारों से भद्दे कॉमेंट्स का सामना करना पड़ा था।

शमी ने भद्दे कॉमेंट्स करने वालों को करारा जवाब दिया था। उन्होंने ट्वीट करके कहा था,’ये दोनों मेरी जिंदगी (पत्नी और बच्ची) और लाइफ पार्टनर हैं। मैं अच्छी तरह जानता हूं कि क्या करना है, क्या नहीं। हमें अपने अंदर देखना चाहिए। हम कितने अच्छे हैं।’

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अगले पृष्ठ पर पढ़िये इसी मुद्दे पर फैज खान ने क्या कहा ?