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भारत का दूसरा चंद्र अभियान चंद्रयान-2 वर्ष 2017 में चंद्रमा पद उतरेगा। साथ ही भारत द्वारा 2019 में सूर्य अभियान आदित्य एल-1 भी शुरू करने की संभावना है।

लोकसभा में एक सवाल के जवाब में बुधवार को प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि चंद्रयान-2 चंद्रमा की सतह पर 2017 में उतरेगा। दूसरे चंद्र अभियान का मकसद चंद्रमा पर जीवन के लक्षण एवं इसकी संभावनाओं का पता लगाना है। उन्होंने कहा कि भारतीय अंतरिक्ष संगठन (इसरो) प्रथम भारतीय सौर मिशन आदित्य एल-1 पर काम कर रहा है। Chandrayaan-2-635211-01-2014-01-49-99N

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इसका मकसद सूर्य का अध्ययन करना है। इसके लिए 378 करोड़ रुपये का बजट है। उन्होंने कहा कि भारत अंतरिक्ष विपणन बाजार में प्रवेश कर गया है और उसने सिंगापुर के छह उपग्रहों को प्रक्षेपित किया है। इससे भारत को 2.6 लाख यूरो की आय होगी।

मंत्री ने बताया, आदित्य एल-1 मिशन सूर्य और पृथ्वी के चारों ओर लागरेंगियन प्वाईंट (एल-1) से सूर्य का अध्ययन करेगा, जो धरती से करीब 15 लाख किलोमीटर है। यह मिशन अपने साथ सात पेलोड ले जा सकता है जिनमें एक कोरोनोग्राफ भी शामिल है। इससे सूर्य की सबसे बाहरी परत कोरोना का निरीक्षण किया जा सकता है।

एक अन्य सवाल के जवाब में सिंह ने कहा कि भारत स्पेस मार्केंटिंग के एक नए युग में प्रवेश कर चुका है, जहां वह आज सिंगापुर के छह उपग्रहों का प्रक्षेपण करेगा। इससे उसे 2.6 लाख यूरो की आमदनी होगी। भारत ने अन्य देशों के उपग्रहों को प्रक्षेपित कर अभी तक 15 मिलियन डालर और 80 मिलियन यूरो की कमाई की है। पांच मिलियन अमेरिकी डॉलर और 65 मिलियन यूरो की अन्य परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं।

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