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मध्यप्रदेश/इंदौर। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद सिंहस्थ में नित्यानंद और राधे मां जैसे कथित संतों के प्रवेश पर परिषद रोक लगाएगा। कोर्ट के आदेश अनुसार खुद को परिषद का अध्यक्ष बताने वाले ज्ञानदास महाराज ने कहा है कि बाबा रामदेव, श्रीश्री रविशंकर और कम्प्यूटर बाबा भी संत नहीं हैं।  जहां तक शनि शिंगणापुर में महिलाओं की पूजा का सवाल है, तो इसका उन्हें पूरा अधिकार है।  गुरुवार को छत्रीपुरा स्थित राधे-राधे बाबा के आश्रम पर महंत ज्ञानदास संवाददाताओं से चर्चा कर रहे थे।

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उन्होंने कहा, आटा, पापड़, टूथपेस्ट बेचने वाले संत नहीं हो सकते। केंद्र सरकार इन लोगों की पहचान नहीं कर पा रही और गलत लोगों को आगे बढ़ा रही है। कम्प्यूटर बाबा जैसे धंधेबाज लोगों की संत समाज को जरूरत नहीं है। उन्होंने शनि शिंगणापुर मामले में केंद्र की ओर से श्रीश्री रविशंकर को मध्यस्थ बनाने को गलत बताते हुए कहा, उनका यह प्रस्ताव कि अब वहां न महिलाएं और न पुरुष पूजा करेंगे, हमें स्वीकार नहीं है। अनादिकाल से चली आ रही परंपरा को कोई नहीं रोक सकता।यह भी कहा : सिंहस्थ को लेकर सरकार का 70 प्रतिशत काम हो चुका है। कमी रही तो सुधार की गुंजाइश है। शिप्रा में गंदगी होगी तो संत उसमें स्नान नहीं करेंगे। कुम्भ को सफल बनाने के लिए पीएम से मुलाकात की है।

गंगासागर में मोक्ष कुम्भ लगाने पर विचार कर रहे हैं।हरिद्वार में निजी लाभ के लिए लगाया जा रहा है अर्ध कुम्भ।

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