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ये पहली बार नहीं है जब देश के जाने माने न्यूज़ नेटवर्क NDTV  का सूरज डूबने के कगार पर है l  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगर मनमोहन सिंह की तरह हस्तक्षेप करें तो शायद NDTV के मालिक प्रणॉय रॉय और उनके नेटवर्क को गर्त में जाने से बचाया जा सकता है l  लेकिन फैसला उस मोदी को करना है जिसके दामन पर दंगे के दाग लगाने की शुरआत NDTV से हुई थी l  2002 में स्टार न्यूज़ के नाम से देखे जाने वाले NDTV ने सबसे पहले कहा था की गुजरात में चुन चुन कर मुसलमानो को मारा जा रहा है, विवाद उठने पर तब बरखा दत्त ने कहा की दंगे के दौरान मुस्लमान शब्द का प्रयोग इसलिए करना ज़रूरी था क्योंकि पूरी कौम निशाने पर थी l भारत में मीडिया को डेमोक्रेसी का चौथा खंबा कहा जाता है, लेकिन मीडिया ने इस बात का मतलब कुछ और ही निकलाते हुए इस आज़ादी का गलत फैयदा उठाना शुरू कर दिया है l कुछ समय पहले भारत में पठानकोट में आतंकी हमला हुआ था जिसको लेकर सभी मीडिया चैनल ने अपनी खबर दी थी पर इसमें एक चैनल ऐसा भी था जिसने इस खबर की कवरेज के दौरान कुछ ऐसा दिखाया था जो देश की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है lndtv-ki

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NDTV चैनल ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि वहां हथियारों के अलावा एमआईजी, फाइटर प्लेन, रॉकेट लॉन्चर, मॉर्टार, हेलिकॉप्टर और फ्यूल टैंक भी रखे हैं, इस रिपोर्ट को मंत्रालय की ओर से गठित कमिटी ने देश की सुरक्षा से खिलवाड़ माना है। कमिटी ने कहा, ‘इसका नुकसान न सिर्फ सेना को होता है बल्कि वहां आस-पास रह रहे आम नागरिक भी मुसीबत में फंस सकते थे।’ जिसको लेकर NDTV ने कहा था की ये खबर पहले ही प्रिंट मीडिया में आ चुकी है और सोशल मीडिया पर भी है लेकिन इस जवाब से कमिटी सहमत नहीं थी l अब NDTV को इस गलती के लिए सज़ा सुनाई गई है जिसके बाद केजरीवाल जैसों की राजनीति शुरू हो गई है l आगे पढ़िए NDTV को क्या आदेश मिला है और केजरीवाल ने इसको लेकर क्या कहा ? 

आगे जानिए NDTV को क्या आदेश मिला है और जानिए असल में गलत रिपोर्टिंग करने पर क्या होता है ! 

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