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चेन्नई। भारत ने नए साल में अंतरिक्ष के क्षेत्र एक और छलांग लगाई है। भारतीय क्षेत्रीय नौवहन उपग्रह प्रणाली (आइआरएनएसएस) श्रृखंला के पांचवें उपग्रह ‘आइआरएनएसएस-1ई’ को सफलतापूर्व कक्ष में विस्थापित कर दिया गया। वैज्ञानिकों की इस सफलता पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी है।IRNSS-1D-big

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पीएम मोदी ने ट्विटर पर लिखा, PSLV C31 के सफल प्रक्षेपण और IRNSS-1E को कक्षा में सटीकता से स्थापित करने पर इसरो और हमारे वैज्ञानिकों को उनके उत्साह एवं प्रतिबद्धता के लिए बधाई। मोदी ने कहा, मैंने इसरो में वैज्ञानिकों से बात की और उन्हें आज उनकी सफलता के लिए बधाई दी। हमारे वैज्ञानिक हमें गौरवान्वित करते रहे हैं। इसरो ने श्रीहरिकोटा प्रक्षेपण केंद्र से अपने विश्वसनीय पीएसएलवी-सी31 के माध्यम से उपग्रह को प्रक्षेपित किया।

दरअसल आज सुबह 9.31 बजे आईआरएनएसए-1ई लॉन्च किया गया। श्रीहरिकोटा स्थित भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) से भारतीय क्षेत्रीय नौवहन उपग्रह प्रणाली (आइआरएनएसएस) श्रृखंला के अपने पांचवें उपग्रह ‘आइआरएनएसएस-1ई’ को पीएसएलवी-सी31 के जरिए प्रक्षेपित किया गया। जिसके कुछ देर बाद इसरो ने बताया कि लॉन्च किया गया सेटेलाइट सफलतापूर्वक अपने कक्ष में विस्थापित कर दिया गया।

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