loading...
  • छालों की समस्‍या से बचने में मददगार है आंवला।mouth-ulcer-in-hindi-1-633x319
    loading...
  • विटामिन सी की कमी से होती है, छालों की समस्‍या।
  • आंवला विटमिन सी का सबसे अच्‍छा स्रोत होता है।
  • आंवला का पेस्‍ट छालों पर लगाने से फायदा होता है। 
  • सेहत संबंधी कई समस्‍याओं को रोग नहीं कहा जा सकता, लेकिन दर्द, संक्रमण, खाने में दिक्कत आदि समस्‍याओं के चलते यह हमारे लिए परेशानी का कारण बन सकता है। मुंह के छाले इनमें से एक ऐसी ही समस्या है। मुंह के छाले वैसे तो बहुत छोटे होते हैं लेकिन इनमें दर्द बहुत होता हैं। आमतौर पर ये छाले शरीर में पौष्टिकता की कमी के कारण होते हैं। लेकिन कभी-कभी खराब जीवनशैली या खान-पान में गड़बड़ी के कारण भी मुंह में छाले की समस्या उत्पन्न होती है। वैसे तो डॉक्टर इलाज के रूप में मल्टीविटामिन देते हैं जिससे छाले धीरे-धीरे ठीक होने लगते हैं लेकिन छालों की समस्‍या से बचने के लिए आप घरेलु नुस्खे के रूप में आंवला को अपना सकते हैं। 

    आंवलाamla 2-633x319

    आंवला विटमिन सी का प्रमुख स्रोत है। इसमें मौजूद विटमिन कभी भी खत्म नहीं होता। आंवले के रस में संतरे के रस की तुलना में 20 गुना अधिक विटामिन सी पाया जाता है। इसके अलावा इसमें गैलिक एसिड, टैनिक एसिड, शुगर और कैल्शियम भी पाया जाता है। आंवले को आयुर्वेद में ‘रसायन’ वर्ग में रखा गया है। अर्थात इसमें  शरीर को पोषण करने के गुण होते है। आधुनिक संदर्भ में इसे बेहतरीन एंटी ऑक्सीडेंट माना गया है। अत: इसके सेवन से व्यक्ति सदा स्वस्थ रहता है। इतना ही नहीं ये मुंह के छालों को भी दूर करने में कारगर होता है। आंवला फल के सीधे सेवन के अलावा चूर्ण एवं स्वरस के रूप में इसका सेवन किया जा सकता है।

    मुंह के छालों के लिए आंवला

    मुंह में छालों की समस्‍या विटामिन सी की कमी के कारण भी होती है, इसलिए विटामिन सी से भरपूर आहार के सेवन से छालों की समस्‍या से राहत पाई जा सकती है। और आंवला में विटामिन सी भरपूर मात्रा में होती है। मुंह के छाले होने पर यदि आंवले की पत्तियों को चबाया जाए, छालों में आराम मिल जाता है। साथ ही आंवला के पत्तों का काढ़ा बनाकर मुंह में कुछ देर रखकर दिन में 2 से 3 बार गरारे व कुल्ला करने से मुंह के छाले ठीक हो जाते हैं। इसके अलावा आंवला उबालकर पेस्ट बनाएं और छाले पर लगाएं। इससे भी छाले ठीक हो जाते है। आइए, आंवले के कुछ अन्‍य गुणों के बारे में भी जानते हैं।

    amla in hindi

    डायबीटीज भी करता है कंट्रोल

    शरीर में पैनक्रियाज का ब्लड ग्लूकोज स्तर कंट्रोल न कर पाना डायबिटीज होने का संकेत देता हैं। और आंवला डायबीटीज कंट्रोल करने में भी काफी फायदेमंद होता है। आंवले के सूखे फलों और पत्तियों की समान मात्रा लेकर उसे पीस लें। फिर इस मिश्रण में हल्दी का चूर्ण मिलाकर, दिन में कम से कम दो बार खाने के बाद लिया जाए तो डायबीटीज पर कंट्रोल पाया जा सकता है।

  • पेट की समस्‍याओं में फायदेमंदपेट की समस्‍याओं के लिए आंवला बहुत फायदेमंद होता है, इसमें मौजूद लेक्सेटिव क्वॉलिटीज की वजह से यह डायरिया जैसी परेशानियों को दूर करने में बहुत फायदेमंद होता है। साथ ही पेट में बहुत ज्‍यादा जलन हो तो बस एक आंवला ले लीजिए। अगर जरूरत से ज्‍यादा एसिडिटी हो तो एक ग्राम आंवला पाउडर में थोड़ी सी चीनी मिलाकर पानी या दूध के साथ ले लें तो इससे काफी आराम मिलता है। एक रिसर्च के अनुसार, खाना खाने से पहले आंवले का पाउडर, शहद और मक्खन मिलाकर खाने से भूख अच्छी लगती है।

    amla in hindi

    एनर्जी देता है आंवला

    शारीरिक ताकत और मजबूती के लिए आंवले को उत्तम माना गया है। आंवले के फलों के चूर्ण के साथ अगर गिलोय के तने का चूर्ण भी मिला लिया जाए, तो शरीर में ऊर्जा का जबरदस्त संचार होता है।

    अन्‍य लाभ

    • शहद के साथ आंवले के चूर्ण को खाने से भी मानसिक ताकत बढ़ती है। आंवले को तिल के साथ मिलाकर 20 दिनों तक हर दिन सुबह खाली पेट खाया जाए, तो शरीर को चुस्त होने में वक्त नहीं लगता है।
    • आंवला और छोटी पीपली का चूर्ण, शहद के साथ चटाने से हिचकियां रोकी जा सकती हैं।
    • आंवले का छिलका कूटकर पानी में भिगोकर रखें। इसे कपड़े से साफ छानकर दिन में तीन बार 2-2 बूंद आंखों में टपकाएं।
    • पेशाब में जलन होने पर आंवले का रस शहद में मिला कर सेवन करें।
    • पथरी होने पर सूखे आंवले का चूर्ण मूली के रस में मिला कर 40 दिन तक सेवन करने से आराम मिलता है।
CLICK ON NEXT BUTTON FOR NEXT SLIDE

loading...
शेयर करें