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नई दिल्ली- मोदी सरकार आजादी की सालगिरह को इस बार अनूठे अंदाज में मनाने जा रही है। 70वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ध्वजारोहण कर रस्म अदायगी करने के बजाय सरकार ने पूरे 15 दिन तक देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला किया है।

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नौ अगस्त से शुरू होकर 23 अगस्त तक चलने वाले आजादी के इस जश्न को ‘आजादी-70, याद करो कुर्बानी’ नाम दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को मध्य प्रदेश के अलीराजपुर से इन कार्यक्रमों की औपचारिक शुरुआत करेंगे। अलीराजपुर के भाबरा गांव को क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की जन्मस्थली माना जाता है।

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केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने सोमवार को यहां कहा, प्रधानमंत्री 9 अगस्त को भाबरा गांव में चंद्रशेखर आजाद को श्रद्धांजलि देकर आजादी के जश्न की शुरुआत करेंगे। 9 अगस्त भारत छोड़ो आंदोलन की 74वीं वर्षगांठ भी है। इस दिन मैं मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान जाऊंगा, जहां से भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत हुई थी।

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वेंकैया ने बताया कि सभी केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता इस दौरान आजादी की लड़ाई से जुड़े जालियांवाला बाग (पंजाब), चौरी चौरा (उत्तर प्रदेश), सेलुलर जेल (अंडमान), साबरमती आश्रम और दांडी (दोनों गुजरात) जैसे देश के प्रमुख स्थलों पर जाएंगे।

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इनमें आजादी की लड़ाई से जुड़े महापुरुषों के जन्मस्थान भी शामिल हैं। नायडू के अनुसार आजादी के जश्न का समां बांधने के लिए कई तरह के आयोजन किए जाएंगे। इस दौरान देश के सभी ऐतिहासिक स्मारक तिरंगे की रोशनी में रोशन होंगे।

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