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epilepsy

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 पहला प्रयोगः नींबू के रस में अरीठे को घिसकर उसका नस्य लेने से अथवा भांगरे के रस में समान मात्रा में बकरी का दूध मिलाकर उसकी बूँदें नाक में रोज डालने से मिर्गी के रोग में लाभ होता है।

दूसरा प्रयोगः लहसुन की थोड़ी कलियों को दूध में भिगोकर प्रतिदिन सेवन करने से थोड़े ही दिनों में इस रोग से छुटकारा मिल जाता है।

बेहोशी के दौरे आने पर लहसुन को पीसकर रोगी को सुँघाने से तथा उसका रस रोगी की नाक में डालने से बेहोशी दूर होती है।

पागलपनः इस रोग के मरीज को सूत की खाट पर बाँधकर नीचे से कड़वे सहजने की पत्तियों का धुआँ 15 मिनट तक दें। मरीज को ऊपर से कम्बल ढाँक दें जिससे उसकी नाक,आँख एवं कान में धुआँ प्रवेश करेगा। इस प्रयोग से चार-पाँच दिन में ही मरीज ठीक हो सकता है।

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