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मैक्सिको। परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) की सदस्यता के लिए दुनिया के प्रमुख देशों का सहयोग हासिल करने का आक्रामक प्रयास कर रहे भारत को आज मैकिस्को का समर्थन मिला। इससे पहले एनएसजी के प्रमुख सदस्य देश स्विट्जरलैंड ने भी भारत की दावेदारी का समर्थन किया था।

मैक्सिको के राष्ट्रपति एनरिक पेना नीतो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ विस्तृत बातचीत के बाद एनएसजी में भारत की सदस्यता की दावेदारी के समर्थन का ऐलान किया। दोनों नेताओं की बातचीत मुख्य रूप से व्यापार एवं निवेश, सूचना प्रौद्योगिकी, ऊर्जा एवं अंतरिक्ष सहीत कई कई क्षेत्रों पर केंद्रित रहा।

नीतो ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मैक्सिको एनएसजी के लिए भारत के प्रयास को स्वीकारता है। परमाणु हथियारों के अप्रसार और निरस्त्रीकरण के अंतरराष्ट्रीय एजेंडा के प्रति प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिबद्धता को स्वीकारते हुए हम भारत के आग्रह का सकारात्मक और रचनात्मक रूप से समर्थन करने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने इस समर्थन के लिए एनएसजी के इस अहम सदस्य देश मैक्सिको के राष्ट्रपति को धन्यवाद दिया और मैक्सिको को भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक अहम साझेदार बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी में तब्दील करने के लिए ‘ठोस नतीजों के प्रारूप’ को विकसित और इसको लेकर काम करने पर सहमति जताई है।

मोदी ने कहा कि हम दोनों महसूस करते हैं कि अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बढ़ती सहमति यह बताती है कि हम रणनीतिक महत्व की अंतरराष्ट्रीय व्यवस्थाओं को मजबूती प्रदान करने की हमारी क्षमताओं को साथ मिलाएं। मैं एनएसजी की सदस्यता की भारत की दावेदारी को मैक्सिको के सकारात्मक और रचनात्मक समर्थन के लिए राष्ट्रपति पेना नीतो का धन्यवाद करता हूं।

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