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मोदी सरकार ने सन् २०१४ के बजट में १०० करोड़ रूपये मदरसों के आधुनिकी करण तथा बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए दिए थे | सरकार का लक्ष्य उन मुस्लिम बच्चों को उच्च शिक्षा के अवसर के साथ-साथ स्किल डेवलपमेंट सेंटर जैसे कि आई टी आई आदि देना और मदरसों में ही प्लेसमेंट के अवसर देना था ताकि जो मुस्लिम बच्चे मदरसों में शिक्षा ले रहे उन्हें डिग्री के बाद भविष्य के सुनहरे अवसर मिल सकें और वे सिर्फ हज़ार-दो हज़ार की छोटी मोटी नौकरियों तक ही सीमित ना रहें | सरकार के इस कदम से मुस्लिम बच्चों को न सिर्फ एक बेहतर भविष्य मिलता बल्कि जातिगत राजनीति के नाम पर उनके साथ हो रहा भेदभाव भी बड़े पैमाने पर कम हो सकता था |

लेकिन कुछ ऐसे मुस्लिम धर्मगुरु भी हैं जो ये नहीं चाहते कि मुस्लिम बच्चों का जीवन बेहतर हो | उन्हें पता है कि अगर मुसलमान पढ़ लिख गए तो धर्म के नाम पर मुसलमानों में घोला जाने वाला जहर बंद हो जायेगा | इस वीडियो में जमीअत उलमा-ए-हिन्द के जनरल सेकेरेट्री मौलना महमूद मदनी, प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी  को धमकी दे रहे हैं की मोदी मदरसों में घुस कर दिखाएँ | देखिये ये वीडियो और खुद इन मुस्लिम धर्मगुरुओं के मक़सद का अंदाज़ा लगाइए |

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