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न्यूयार्क।  फेसबुक के मुख्य कार्यकारी मार्क जुकरबर्ग के बाद गूगल के भारतीय मूल के प्रमुख सुंदर पिचई मुस्लिमों के समर्थन में उतर आए हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी बनाने और देश का नेतृत्व करने के लिए प्रतिनिधित्व एवं पृष्टभूमि की विविधता महत्वपूर्ण है।

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फेसबुक के मुख्य कार्यकारी मार्क जुकरबर्ग के बाद गूगल के भारतीय मूल के प्रमुख सुंदर पिचई मुस्लिमों के समर्थन में उतर आए हैं।

रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप की अमेरिका में मुस्लिमों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की टिप्पणी के संबंध में पिचई ने एक पोस्ट में कहा कि समाचारों में असहिष्णुता की बहस निराशाजनक है।

उन्होंने कहा कि मैंने चर्चा की कि इस विचार को पोस्ट करना चाहिए या नहीं क्योंकि हाल में यह लगता रहा है कि असहिष्णुता की आलोचना इस विमर्श को और हवा देती है। लेकिन मुझे लगता है कि हमें बोलना चाहिए . विशेष तौर पर उन्हें जो इसके शिकार नहीं हैं।

पिचई ने कहा कि हर किसी को अपने विचार रखने का अधिकार है लेकिन यह भी महत्वपूर्ण है कि जिनका प्रतिनिधित्व कम है वे यह जानते हैं कि ये सभी के विचार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हमें डर को अपने मूल्यों को हराने नहीं देना चाहिए। हमें अमेरिका और विश्व में मुसलमानों और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों का समर्थन करना चाहिए।

ट्रंप ने इस सप्ताह यह कहकर तूफान ला दिया कि अमेरिका में मुसलमानों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध होना चााहिए। फेसबुक के मुख्य कार्यकारी मार्क जुकरबर्ग ने इसे प्रत्युत्तर में विश्व भर के मुसलमानों का समर्थन करते हुए कहा था कि सोशल नेटवर्किंग क्षेत्र की प्रमुख कंपनी उनके अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करेगी और उनके लिए शांतिपूर्ण तथा सुरक्षित माहौल तैयार करेगी।

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