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कुम्हार’ मनसुखभाई का ‘कूल’ कारोबार ‘मिट्टीकूल’ – बनाया बिना बिजली से चलने वाला Fridge, Forbes ने किया सम्मानित

ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से मनसुखभाई के काम को लगातार प्रोत्साहित किया गया और भरपूर सहयोग मिला। इससे उनका हौंसला बढ़ता रहा। ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से मिले प्रोत्साहन के बाद मनसुखभाई प्रजापति जिस राह पर चले तो फिर आगे बढ़ते ही गए। उनके काम में कई तरह की बाधाएं भी आई। भूकंप के कारण उनका कारोबार तबाह हो गया, लेकिन वे अपनी मेहनत के दम पर दोबारा उठ खड़े हुए और कुछ ही समय में अपने कारोबार को दोबारा स्थापित कर दिया।

मनसुखभाई प्रजापति बताते हैं कि बचपन से ही मिट्टी के बर्तन देखते आए। समय के बदलाव के साथ मिट्टी के बर्तनों की डिमांड कुछ कम हो गई। ‘‘मैं हमेशा सोचता कि इस पुश्तैनी कारोबार को कैसे बरकरार रखा जाए। फिर हमने तय किया कि कारोबार को समय के अनुसार परिवर्तित करना होगा। मिट्टी के बर्तन बनाने वाले परिवार की पहले बहुत पूछ होती थी। घर में कोई भी आयोजन हो, लोग हमारे घर की ओर दौड़े चले आते थे, लेकिन बाजारवाद की वजह से अपनी साख पर बट्टा लगता नजर आ रहा था, इसलिए मैंने तय किया कि अपना पुश्तैनी कारोबार भी जिंदा रखूंगा और मिट्टी की खुशबू भी, बस उसमें थोड़ा परिवर्तन करने की सोची। यानी इस कारोबार को माडर्नाइज रंग में रंगने की कोशिश शुरू की। साइंटिफिक तरीके से मिट्टी की नई-नई चीजें विकसित की। इसके बाद तो यह कारोबार फर्राटे मारने लगा।’’

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