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यूपी कैबिनेट मिनिस्टर आजम खां ने RSS मेंबर्स को होमोसेक्सुअल कहा. इस पर हिंदू महासभा के नेता कमलेश तिवारी ने पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी कर दी. बस इन दो नेताओं की बकलोली की वजह से बंगाल जल उठा. पश्चिम बंगाल के मालदा में रविवार को ढाई लाख मुस्लिम रैली के लिए जुटे. लेकिन रैली में आए कुछ लोग जल्द ही हिंसा करने पर उतर आए.malda-kamlesh-tiwari759-620x400

ढाई लाख मुस्लिमों ने नेशनल हाईवे नंबर 34 पर रैली निकाली. भड़की भीड़ ने दो दर्जन से ज्यादा गाड़ियों में आग लगा दी. पुलिस स्टेशनों पर हमला किया. पुलिस ने फौरन धारा 144 लगा दी. सोमवार को भी कर्फ्यू लगा हुआ है. मुस्लिम समुदाय की डिमांड है कि तिवारी को फांसी पर लटका दिया जाए. तिवारी फिलहाल जेल में बंद हैं. झड़प की शुरुआत हाईवे से गुजर रही बस के मुसाफिरों और रैली के लोगों की बहस से हुई.

द इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, गुस्साए लोगों ने जमकर लूटपाट की. दुकानों में आग लगाई. थाने पर हुए हमले के बाद थाने से पुलिसवाले निकलकर भागे. बाद में पुलिसवालों ने भी कई राउंड फायरिंग की. बताते हैं कि गोलियां लगने से दो लोग घायल हो गए.

सोशल मीडिया से फैली आग
ये बयान दिसंबर में दिया गया था. यूपी में माहौल बिगड़ता देख सीएम अखिलेश यादव ने तिवारी के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया. तिवारी 2 दिसंबर से बयान की वजह से जेल में बंद हैं. लेकिन सोशल मीडिया में उनका बयान वायरल हो गया. मुस्लिम धर्मगुरुओं की नजर पड़ी. बस फिर क्या था. एकजुट हो गए ढाई लाख मुस्लिम. और भीड़ में से कुछ बकलोलों ने वही किया, जो अक्सर होता आया है. शांति, सुकूं खत्म करने की नापाक कोशिश.

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