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पंजाब में श्री गुरु ग्रन्थ साहिब की बेअदबी मामले में पंथ के खिलाफ चलने वाले कई सिख नेता नजरबन्द।

 

ब्यूरो पंजाब : पंजाब का माहोल कई दिनों से काफी तनाव में है, कुछ गर्म ख्याली खालिस्तानी सिख नेताओ ने आतंकवादी जगतार सिंह हवारा को ही श्री अकाल तख़्त साहिब का स्वम्भू प्रमुख लगा दिया गया था और पंजाब सरकार को 15 नवंबर तक का अल्टीमेटम दिया गया था जिसके मद्देनजर प्रमुख गर्म ख्याली खालिस्तानी सिख नेता नजरबन्द कर लिए गए है।

 

असल में अब से तक़रीबन एक माह पहले पंजाब के कोटकपूरा के नजदीक बरगाड़ी गाँव में शरारती तत्वों ने श्री गुरु ग्रन्थ साहिब के पवित्र पेजो को फाड़ कर फेंक दिया जिसका पता चलते ही सिख संघठन सड़क पर उतर आये और मौजूद अकाली दल और भाजपा सरकार के खिलाफ आग उगलने लगे और प्रदर्शन करने लगे, सिख समाज के इस प्रदर्शन में कुछ खालिस्तानी सिख भी थे जिन्होंने इस प्रदर्शन को उग्र रूप दे दिया जिसके विरोध स्वरुप पंजाब पुलिस को गोली चलानी पड़ी और दो सिख बंधू मारे गए, उसके बाद यह प्रदर्शन पंजाब के कोने-कोने में फेल गया और सारा पंजाब रोज-रोज जाम रहने लगा। सड़के बंद, दुकाने बंद, कारोबार बंद और हिन्दू व्यापारियों को काफी नुक्सान का सामना करना पड़ा, दुःख की बात यह रही के पंजाब में श्री गुरु ग्रन्थ साहिब का अपमान रुका नही बढ़ता चला गया। रोज-रोज हर जिले से श्री गुरु ग्रन्थ साहिब के पवित्र पेज फ़टे हुए मिलने लगे और पंजाब में यह प्रदर्शन उग्र हो गया इसी दौरान पंजाब बंद भी रहा और इस आंदोलन की कमान खालिस्तानी सिख समाज ने संभाल ली, पिछले दिनों इन्ही सिख संघठनों ने हिन्दुओ के पवित्र त्यौहार को “काली दीवाली” के नाम देकर ना मनाने की अपील की जिसका बहुत भारी नुक्सान हिन्दू व्यापारियों को उठाना पड़ा। ऐसे माहोल में पंजाब के हिन्दू समाज में एक दहशत का माहोल बन गया है।

 

मामला तब ज्यादा बिगड़ गया जब खालिस्तानी सिखों ने सिखों की सबसे बड़ी संसद अकाल तख्त साहिब को दो फाड़ कर दिया और एक धड़े ने श्री अकाल तख़्त साहिब का प्रमुख आतंकवादी जगतार सिंह हवारा को लगा दिया जिसने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह को बम धमाके से उड़ा दिया था। उसके बाद पंजाब की मौजूदा सरकार ने इन सिख नेताओ पर देश द्रोह का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया और खालिस्तानी सिखों ने पंजाब सरकार को 15 नवंबर तक का अल्टीमेटम दिया था जो आज खत्म हो गया। केंद्र की मोदी सरकार को इस मामले को अपने हाथ में लेकर इसका हल निकालना चाहिए अन्यथा पंजाब के हालात बिगड़ना तय है। पंजाब अभी भी बैठा है आग के अंगारे पर ! ये अंगारा बुझाया नहीं गया तो पंजाब में आने वाले समय में इसका बेहद गंभीर परिणाम हो सकता है ।

 

“आजतक भारत” ब्यूरो रिपोर्ट : Lakhvinder Sareen (पटियाला, पंजाब)

 

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