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♦ 19 सितम्बर को फैजाबाद में कन्हैया कुमार की सभा, राष्ट्रवादी संगठन कर रहे विरोध
♦ प्रशासन की भूमिका कार्यक्रम को लेकर क्या होगी बना चर्चा का बना विषय

Faizabad :- कन्हैया के प्रस्तावित कार्यक्रम के कारण आजाद भारत में आजादी के नारे लगाने वाले और वंदेमातरम कहना ही होगा की बात कहने वाले आमने सामने है। इससे गंगा जमुनी सभ्यता का संदेश देने वाली रामनगरी में वैचारिक टकराव के आसार बढ़ गये है। वाम और दक्षिण पंथी ताकते यहां संघर्ष के लिए अग्रसर है। इसमें प्रशासन की भूमिका क्या होती यह देखने योग्य होगा।

लगातार चल रहा बयानो और बैठकों का दौर – कन्हैया के कार्यक्रम को लेकर वाम मोर्चा एकजुट हो गया है। कम्युनिष्ट विचारधारा के विभिन्न संगठन अपनी पूरी ताकत कार्यक्रम में झोकने की तैयारी कर रहे है। विरोध में भारतीय युवा मंच भी पूरी ताकत से खड़ा है। कन्हैया को फैजाबाद में न घुसने देने की युवा मंच की घोषणा के समर्थन में कई दूसरे संगठन भी आ गये है। कार्यक्रम के माध्यम से दोनो विचारधारा अपना शक्ति प्रदर्शन करना चाहती है।

रामनगरी से संदेश देने का प्रयास – लखनऊ में कन्हैया कुमार के कार्यक्रम के बाद रामनगरी में कार्यक्रम रखने का उद्देश्य यहां से पूरी दुनिया को संदेश देना है। अयोध्या के कारण फैजाबाद पर पूरी दुनिया तथा मीडिया की निगाहे रहती है। उत्तर प्रदेश में चुनाव सिर पर है। यहां दिया गया कन्हैया कुमार का एक बयान एक बड़े चुनावी मुद्दे का रुप ले सकता है। व्यापक स्तर पर विरोध का लाभ दक्षिणपंथियों को मिल सकता है। पूरे कार्यक्रम में कन्हैया कुमार आरएसएस पर हमलावर रहेंगे।

प्रशासन की भूमिका पर भी चर्चा – कार्यक्रम को लेकर प्रशासन की क्या भूमिका होगी इसकी भी चर्चा जोरों पर है। प्रदेश में समाजवादी सरकार है। सपा कभी नहीं चाहेगी कि चुनाव के दौरान लोगो का ध्यान विकास के मुद्दो से भटके और भाजपा मजबूत हो। ऐसे में शांति पूर्ण माहौल में पूरा कार्यक्रम सम्पन्न कराना प्रशासन टेढ़ी खीर साबित हो सकता है।

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