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नयी दिल्ली : योगगुरू बाबा रामदेव ने आज कहा कि जिन लोगों को देश में राष्ट्रवादी सोच की सरकार पसंद नहीं है वे अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय षडयंत्र के तहत असहिष्णुता का मुद्दा उठा रहे हैं ।

बाबा रामदेव ने पतंजलि आटा नूड्ल्स जारी करने के बाद संवादाताओं के एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि काफी प्रयास के बाद देश में श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रवादी सोच की सरकार बनी है लेकिन जिन लोगों को उनका शासन पसंद नहीं है वे वैचारिक असहिष्णुता पैदा कर रहे हैं । सोची समझी साजिश के तहत ऐसा किया जा रहा है ।

केन्द्र में जब कांग्रेस की सरकार थी तो श्रीमती सोनिया गांधी प्रधानमंत्री नहीं थी फिर भी शासन उनके इशारो पर चलता था लेकिन उस समय किसी ने भी नहीं कहा कि एक ईसाई महिला का शासन चल रहा है । उस शासन के दौरान साम्प्रदायिकता को किसी ने मुद्दा नहीं बनाया । उन्होंने कहा कि सामाज में सामाजिक विद्वेष नहीं पैदा होना चाहिये तथा हिन्दू और मुसलमानों का खून नहीं बहाया जाना चाहिये ।

योगगुरू ने कहा कि सभी देशों में आंतरिक संघर्ष चलते रहते हैं , उसे राजनीतिक दलों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नहीं उछालना चाहिये । इससे देश की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचती है ।baba-ramdev

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बाबा रामदेव ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि श्री मोदी का समर्थन उन्होंने तब किया था जब देश में भ्रष्टाचार ,महंगाई , कालाधन और परिवारवाद का मुद्दा चरम पर था तथा लोगों में निराशा का माहौल था । उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल समझते हैं कि देश में शासन करना उनका अधिकार है ।

बिहार विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की पराजय पर प्रतिक्रिया पूछे जाने पर कहा कि इस संबंध में वहां हारने और जीतने वाले राजनीतिक दलों की राय ली जानी चाहिये । प्रधानमंत्री द्वारा विदेशी पूंजी निवेश को बढावा देने के प्रयास को लेकर पूछे गये सवाल पर उन्होंने कहा कि देश में अब बहुत कालाधन तथा दबे हुये रूपये है जिसे बाजार में लाने की जरूरत है ।

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