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नई दिल्ली। इसरो ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में गुुरुवार को बड़ी कामयाबी हासिल की। ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम यानी जीपीएस जैसी क्षमता हासिल करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए इसरो ने गुरुवार को श्रीहरिकोटा से पीएसएलवी-सी 33 से आईआरएनएसएस-1जी को लॉन्च किया गया। गुरुवार को सातवां और आखिरी उपग्रह छोड़ा गया। इसके साथ ही भारत ने स्वदेशी जीपीएस बनाने की मंजिल तय कर ली है। साथ ही भारत,अमरीका और रूस की कतार में शामिल हो गया।

 

भारतीय वैज्ञानिक बीते 17 साल से इसके लिए संघर्ष कर रहे थे। इस सैटेलाइट की मदद से न सिर्फ भारत के दूर दराज के इलाकों की सही लोकेशन पता चल जाएगी बल्कि यातायात भी काफी आसान हो जाएगा। खासतौर पर लंबी दूरी तय करने वाले समुद्री जहाजों को इससे काफी फायदा होगा।

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