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बेंगलुरु  – इस साल के शुरुआत में एक मंत्री का फोन होल्ड पर रखने के कारण ट्रांसफर होने से चर्चा में आई कर्नाटक पुलिस ऑफिसर अनुपमा शेनॉय इस बार अपनी फेसबुक बायो को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने फेसबुक पर बायो में ‘रिजाइन्ड ऐंड जॉबलेस’ यानी इस्तीफा दे दिया है और बेरोजगार हूं लिखा है। बीजेपी ने इसे मुद्दा बनाना शुरू भी कर दिया है।

अनुपमा ने ह भी कहा कि कर्नाटक में मुख्यमंत्री ‘रम राज्य’ चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया शराब माफियाओं का राज चला रहे हैं। युवा पुलिस अधिकारी के इस्तीफे की खबर के साथ ही राजनीतिक घमासान भी शुरू हो गया है।

सीनियर बीजेपी नेता सुरेश कुमार ने कहा, ‘अनुपमा अपनी कार्यकुशलता और प्रतिबद्धता के लिए जानी जाती थी। मुझे लगता है उनकी कार्यकुशलता और प्रतिबद्धता मंत्री पी.टी. परमेश्वर के लिए परेशानी बन गई थी। दो महीने पहले भी मंत्री ने ऑफिसर के लिए परेशानी खड़ी की थीं। अनुपमा का अचानक इस्तीफा देकर फेसबुक पर पोस्ट करना इसके पीछे राजनीतिक दबाव की ओर इशारा करता है। मुझे लगता है कि इस सरकार को ऐसे कर्मठ अधिकारियों का साथ देना चाहिए।’ जनवरी में बेल्लारी जिले के कुडलिगी थाने की डेप्युटी अधीक्षक अनुपमा ने गुस्से में आकर क्षेत्रीय विधायक का फोन होल्ड पर रख दिया था।

बाद में मि. नायक इसके लिए अनुपमा का ट्रांसफर करने की धमकी देते हुए कैमरे पर पकड़े गए थे। चौतरफा विरोध के बाद फरवरी में अनुपमा को फिर से बहाल कर दिया गया। मुख्यमंत्री सिद्दारमैय्या ने कहा कि उन्होंने इस्तीफे के बारे में सुना है लेकिन इस मामले में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने बेंगलुरु में संवाददाताओं को बताया, ‘अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। मुझे इस मामले में कोई जानकारी नहीं है। मामला डीजी के पास है।’

मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार 35 साल तक पुलिस में इंस्पेक्टर जनरल रहे गोपाल होसुर ने कहा, ‘वो इस इस्तीफे की खबर से दुखी हैं। यहां तक कि राजनीतिक दबाव की स्थिती में भी ऑफिसर का ये दायित्व होता है कि वह इसके खिलाफ खड़े रहें। यह हमेशा होना चाहिए। अगर सीनियर ऑफिसर सहयोग ना करें तो उन्हें खुद कानून के मुताबिक काम करना चाहिए था।’

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